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Una News: अब जिला स्तर पर होगा पर्यावरण संरक्षण के लिए आंकड़ों का संग्रहण
Wed, 26 Aug 2026 12:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 26 Aug 2026 12:29 AM IST
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ऊना। जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का असर हिमालय में देखने को मिला है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर अब जिला स्तर पर आंकड़ों का संग्रहण होगा। पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु विभाग ने हर जिला स्तर पर पर्यावरण अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। चंबा को छोड़कर अन्य सभी जिलों में पर्यावरण अधिकारियों ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। अधिकारियों का पर्यावरण नीति बनाने से लेकर फील्ड का दौरा करके आंकड़े जुटाने में अहम रोल होगा। जिसमें नगर निकायों, प्रदूषण बोर्ड और सभी संबंधित लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारी इसमें शामिल होंगे। पहले शिमला मुख्यालय से ही अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर संबंधित समस्याओं का निरीक्षण करने के लिए फील्ड से जानकारी जुटाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जिसके मद्देनजर पर्यावरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, इतना ही नहीं बल्कि विभाग हर जिला स्तर पर पोर्टल तैयार कर रहा है। जिसमें संबंधित जिलों की जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण दृष्टि सहित अन्य अहम बिंदुओं की जानकारी अपलोड की जाएगी और उसी के आधार पर ही रिपोर्ट शिमला मुख्यालय के आला अधिकारियों को भेजी जाएगी। इसी आधार पर आगामी रूपरेखा तय होगी।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पर्यावरण पर देखने को मिल रहा है और इस बात को मद्देनजर रखते हुए विभाग ने इस दिशा में यह पहल की है ताकि जिला स्तर पर पर्यावरण अधिकारी सीधे तौर पर इस तरह के परिवर्तन और प्रभावों का आकलन करके रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के साथ संबंध में स्थापित करके तैयार करें। वही पर्यावरण से संबंधित एनओसी के सत्यापन का काम भी समय-समय पर संबंधित जिलों के अधिकारी अपने स्तर पर कर सकेंगे। अगर कहीं पर भी कोई अनियमितता निरीक्षण के दौरान एनओसी की अवधि में पाई जाती है तो उस पर भी तत्काल प्रभाव से कार्यवाही होगी।
पर्यावरण अधिकारी ऊना प्रियंका का कहना है कि विभाग के दिशा निर्देशों के तहत उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। प्रदूषण बोर्ड सहित अन्य विभिन्न विभागों और नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित करके पोर्टल तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। जिस पर संबंधित जिलों की रिपोर्ट छायांकित होगी।
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जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पर्यावरण पर देखने को मिल रहा है और इस बात को मद्देनजर रखते हुए विभाग ने इस दिशा में यह पहल की है ताकि जिला स्तर पर पर्यावरण अधिकारी सीधे तौर पर इस तरह के परिवर्तन और प्रभावों का आकलन करके रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के साथ संबंध में स्थापित करके तैयार करें। वही पर्यावरण से संबंधित एनओसी के सत्यापन का काम भी समय-समय पर संबंधित जिलों के अधिकारी अपने स्तर पर कर सकेंगे। अगर कहीं पर भी कोई अनियमितता निरीक्षण के दौरान एनओसी की अवधि में पाई जाती है तो उस पर भी तत्काल प्रभाव से कार्यवाही होगी।
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पर्यावरण अधिकारी ऊना प्रियंका का कहना है कि विभाग के दिशा निर्देशों के तहत उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। प्रदूषण बोर्ड सहित अन्य विभिन्न विभागों और नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित करके पोर्टल तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। जिस पर संबंधित जिलों की रिपोर्ट छायांकित होगी।
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