{"_id":"627c0433fb6115218a186599","slug":"one-mining-reserve-will-keep-watch-on-illegal-mining-from-three-vehicles-una-news-sml408512218","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माइनिंग रिजर्व तीन वाहनों से अवैध खनन पर रखेगी निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माइनिंग रिजर्व तीन वाहनों से अवैध खनन पर रखेगी निगरानी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। अवैध खनन के लिए चर्चित जिला ऊना में अब एक माइनिंग रिजर्व अवैध खनन की निगरानी करेगी। इसके लिए बाकायदा खनन विभाग की ओर से पुलिस को तीन वाहन मुहैया करवा दिए गए हैं। इन वाहनों के जरिये दिन-रात गश्त कर अवैध खनन पर लगाम लगाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग के साथ मिलकर अवैध खनन को रोकने के लिए विशेष योजना बनाई है। प्रदेश सरकार ने ऊना जिला के लिए विशेष तौर पर एक माइनिंग रिजर्व दी है। यह सिर्फ अवैध खनन को रोकने के लिए ही कार्य करेगी। इस माइनिंग रिजर्व में 28 पुलिस जवान शामिल रहेंगे। ये स्वां समेत सहायक नदियों के किनारों में निरीक्षण के साथ शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई अमल में लाएंगे। खनन विभाग को भी 15 दिन बाद खनन पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी।
बता दें कि स्वां नदी में अवैध खनन का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच चुका है। एनजीटी ने एक पैनल भी ऊना जिला में अवैध खनन का जायजा लेने के लिए भेजा था। टीम ने जायजा लेने के बाद कई तरह की सिफारिशें की थीं, ताकि अवैध खनन के खेल को रोका जा सके।
विज्ञापन
बावजूद इसके स्वां नदी में अवैध खनन का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक दलों के लिए जिला ऊना में स्वां नदी में अवैध खनन भी बड़ा मुद्दा रहा है और अकसर यह मामला गरमाता है, लेकिन धरातल पर कोई खास बदलाव नहीं दिखा है। जिले से अवैध खनन कर खनन सामग्री उत्तरी भारत में सप्लाई की जाती है। मुख्य तौर पर पंजाब के लिए सामग्री अवैध रूप से भेजी जाती है। अब रिजर्व को तीन वाहन मिलने के बाद सक्रियता से कार्रवाई होने की उम्मीद है।
उधर, उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि अवैध खनन को रोकने और कार्रवाई के लिए एक माइनिंग रिजर्व मिली है। त्वरित कार्रवाई के लिए इन्हें तीन वाहन मुहैया करवाए गए हैं। यह रिजर्व जिले भर में निगरानी कार्य करने के साथ कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ जिले भर में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। खनन विभाग भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहा है।
विज्ञापन
ऊना। अवैध खनन के लिए चर्चित जिला ऊना में अब एक माइनिंग रिजर्व अवैध खनन की निगरानी करेगी। इसके लिए बाकायदा खनन विभाग की ओर से पुलिस को तीन वाहन मुहैया करवा दिए गए हैं। इन वाहनों के जरिये दिन-रात गश्त कर अवैध खनन पर लगाम लगाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग के साथ मिलकर अवैध खनन को रोकने के लिए विशेष योजना बनाई है। प्रदेश सरकार ने ऊना जिला के लिए विशेष तौर पर एक माइनिंग रिजर्व दी है। यह सिर्फ अवैध खनन को रोकने के लिए ही कार्य करेगी। इस माइनिंग रिजर्व में 28 पुलिस जवान शामिल रहेंगे। ये स्वां समेत सहायक नदियों के किनारों में निरीक्षण के साथ शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई अमल में लाएंगे। खनन विभाग को भी 15 दिन बाद खनन पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी।
विज्ञापन
बता दें कि स्वां नदी में अवैध खनन का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच चुका है। एनजीटी ने एक पैनल भी ऊना जिला में अवैध खनन का जायजा लेने के लिए भेजा था। टीम ने जायजा लेने के बाद कई तरह की सिफारिशें की थीं, ताकि अवैध खनन के खेल को रोका जा सके।
विज्ञापन
बावजूद इसके स्वां नदी में अवैध खनन का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक दलों के लिए जिला ऊना में स्वां नदी में अवैध खनन भी बड़ा मुद्दा रहा है और अकसर यह मामला गरमाता है, लेकिन धरातल पर कोई खास बदलाव नहीं दिखा है। जिले से अवैध खनन कर खनन सामग्री उत्तरी भारत में सप्लाई की जाती है। मुख्य तौर पर पंजाब के लिए सामग्री अवैध रूप से भेजी जाती है। अब रिजर्व को तीन वाहन मिलने के बाद सक्रियता से कार्रवाई होने की उम्मीद है।
उधर, उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि अवैध खनन को रोकने और कार्रवाई के लिए एक माइनिंग रिजर्व मिली है। त्वरित कार्रवाई के लिए इन्हें तीन वाहन मुहैया करवाए गए हैं। यह रिजर्व जिले भर में निगरानी कार्य करने के साथ कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ जिले भर में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। खनन विभाग भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहा है।