{"_id":"68aef972aa4ecb159e0edcb9","slug":"objection-raised-on-the-instructions-to-seek-names-of-spokespersons-on-the-basis-of-seniority-una-news-c-93-1-una1002-163599-2025-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: वरिष्ठता के आधार पर प्रवक्ताओं के नाम मांगने के निर्देशों पर जताई आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: वरिष्ठता के आधार पर प्रवक्ताओं के नाम मांगने के निर्देशों पर जताई आपत्ति
विज्ञापन
प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची संशोधित न होने के कारण पैनल बनाना न्यायोचित नहीं : संघ
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। लेक्चरर संघ के प्रदेश प्रधान अजय नेगी ने निदेशक कार्यालय की ओर से प्रधानाचार्य पद के लिए वरिष्ठता के आधार पर प्रवक्ताओं के नाम मांगे जाने संबंधी निर्देशों पर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि विभाग ने कई वर्षों से प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची में संशोधन नहीं किया है। ऐसे में इस सूची के आधार पर पैनल तैयार करना न्यायोचित नहीं होगा। विभाग की ओर से 4 फरवरी 2012 को जारी अंतिम वरिष्ठता सूची (2010 तक) का हवाला देते हुए बताया कि इसमें 7 मई 2007 को पदोन्नत एक प्रवक्ता को 5789वां वरिष्ठता क्रम दिया गया है, जबकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालन से 1 जनवरी 2007 से नियमित हुए दर्जनों प्रवक्ताओं को सूची से बाहर रखा गया है। वर्तमान स्थिति में विभाग ने 7500 तक की वरिष्ठता संख्या वाले प्रवक्ताओं को पैनल के लिए आमंत्रित किया है। संघ का कहना है कि सूची में संशोधन न होने से सैकड़ों पात्र प्रवक्ता इस प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे।प्रवक्ता संघ के नेताओं ने सरकार से आग्रह किया कि जब तक वरिष्ठता सूची संशोधित नहीं हो जाती, तब तक इस प्रकार से पैनल न बनाए जाएं। इसके स्थान पर पूर्व की भांति पात्र प्रवक्ताओं को अस्थायी पदोन्नति दी जाए, ताकि उनके संपूर्ण सेवाकाल में मिलने वाली इस एकमात्र पदोन्नति का लाभ समय पर सुनिश्चित किया जा सके।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। लेक्चरर संघ के प्रदेश प्रधान अजय नेगी ने निदेशक कार्यालय की ओर से प्रधानाचार्य पद के लिए वरिष्ठता के आधार पर प्रवक्ताओं के नाम मांगे जाने संबंधी निर्देशों पर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि विभाग ने कई वर्षों से प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची में संशोधन नहीं किया है। ऐसे में इस सूची के आधार पर पैनल तैयार करना न्यायोचित नहीं होगा। विभाग की ओर से 4 फरवरी 2012 को जारी अंतिम वरिष्ठता सूची (2010 तक) का हवाला देते हुए बताया कि इसमें 7 मई 2007 को पदोन्नत एक प्रवक्ता को 5789वां वरिष्ठता क्रम दिया गया है, जबकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालन से 1 जनवरी 2007 से नियमित हुए दर्जनों प्रवक्ताओं को सूची से बाहर रखा गया है। वर्तमान स्थिति में विभाग ने 7500 तक की वरिष्ठता संख्या वाले प्रवक्ताओं को पैनल के लिए आमंत्रित किया है। संघ का कहना है कि सूची में संशोधन न होने से सैकड़ों पात्र प्रवक्ता इस प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे।प्रवक्ता संघ के नेताओं ने सरकार से आग्रह किया कि जब तक वरिष्ठता सूची संशोधित नहीं हो जाती, तब तक इस प्रकार से पैनल न बनाए जाएं। इसके स्थान पर पूर्व की भांति पात्र प्रवक्ताओं को अस्थायी पदोन्नति दी जाए, ताकि उनके संपूर्ण सेवाकाल में मिलने वाली इस एकमात्र पदोन्नति का लाभ समय पर सुनिश्चित किया जा सके।