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एटीएम के बाहर कतारें, डाकघरों में कैश खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
Updated Mon, 05 Dec 2016 11:48 PM IST
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ऊना में एटीएम के बाहर लगी लाइऩ।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद जहां हर दिन बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की कतारें लग रही हैं, वहीं अब जिला मुख्य डाकघर सहित अन्य डाकघरों में भी कैश खत्म हो गया है। इससे लाखों उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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आलम यह है कि लोग डाकघरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, डाक कर्मचारियों का कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इस पर डाक कर्मचारी यूनियन के नेता एचएस गुलेरिया ने कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि जिले में मुख्य डाकघर सहित 35 विभागीय डाकघर और 150 ग्रामीण डाकघर हैं। इनमें लगभग डेढ़ लाख बचत खाते हैं, लेकिन मुख्य डाकघर को स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से कैश न मिलने के कारण कर्मचारियों एवं खाता धारकों को अपने खातों से निकासी करवाना मुश्किल हो गया है।
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डाकघर में बड़ी मुश्किल से ग्राहकों को दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं तो किसी दो हजार रुपये भी नसीब नहीं हो पा रहे हैं। इससे डाकघरों की कार्य कुशलता और छवि प्रभावित हो रही है। वहीं, जनता को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। गुलेरिया ने कहा कि जिला कांगड़ा, बिलासपुर में बैंक से मांग अनुसार कैश मिल रहा है। डाक विभाग देशभर में 500 और 1000 रुपये के नोट इकट्ठा करने में चौथे स्थान पर रहा है। लोगों ने इतना पैसा जमा करवाया, लेकिन फिर भी उन्हें कैश नहीं मिल रहा। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को करने के बावजूद समस्या का हल नहीं निकल पाया।
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