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Una News: 322 डिपुओं में मिल रहा प्राकृतिक मक्की का आटा
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16 किसानों से 111 क्विंटल प्राकृतिक मक्की की खरीदारी की
हिम प्राकृतिक खेती उत्पाद योजना से युवाओं के लिए बने रोजगार के नए अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के 322 डिपुओं के माध्यम से हिम भोग ब्रांड का प्राकृतिक खेती से मक्की का आटा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। इन डिपुओं में अब अन्य सामान के साथ-साथ सस्ते दाम पर हिम मक्की आटा भी उपलब्ध है। ऊना जिले में अब तक 16 किसानों से 111 क्विंटल प्राकृतिक मक्की की खरीदारी की है। हिमाचल प्रदेश देशभर में गेहूं और मक्की के लिए सर्वाधिक समर्थन मूल्य निर्धारित करने वाला राज्य है। किसानों से गेहूं 40 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी जा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए सरकार ने ‘हिम भोग’ ब्रांड के साथ हिम मक्की आटा बाजार में उतारा है। यह प्रयास किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति प्रेरित करने और उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने पहले चरण में हिम मक्की आटा लॉन्च किया है, जिसे 1 किलो और 5 किलो की पैकेजिंग में उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार मक्की को 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है, ताकि अधिक से अधिक किसान और युवा इस योजना से लाभान्वित हो सकें। आगे इसे और व्यापक बनाया जाएगा और अन्य प्राकृतिक खेती उत्पाद भी हिम भोग ब्रांड के तहत बाजार में उतारे जाएंगे।
ऊना के जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा ने बताया कि उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता का आटा प्रदान किया जा रहा है।
ऊना की नीलम द्विवेदी ने बताया कि हिम मक्की आटा उन्हें सस्ते दामों पर उचित मूल्य की दुकानों से मिल रहा है। यह खाने में स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है। कोटला कलां निवासी सुलेखा देवी और सोनिया सैनी बताती हैं कि डिपो में 50 रुपये प्रति किलोग्राम की पैकेजिंग में हिम मक्की आटा खरीदा है। यह आटा डायबिटीज रोगियों के लिए बड़ा लाभकारी सिद्ध हो रहा है। वहीं, चताड़ा की मीना देवी और सर्वजीत कौर ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से तैयार यह आटा स्वास्थ्यवर्धक तो है ही, साथ ही बाजार से किफायती दरों पर उपलब्ध हो रहा है।
ऊना के उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि हिमाचल सरकार की हिम प्राकृतिक खेती उत्पाद योजना के तहत हिम भोग आटा की यह पहल किसानों के हितों को संरक्षित करने में कारगर रही है। इसके तहत लोगों को स्वास्थ्यवर्धक आहार विकल्प मिलने के साथ ही राज्य की युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने का एक बेहतरीन अवसर उपलब्ध हो रहा है।
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हिम प्राकृतिक खेती उत्पाद योजना से युवाओं के लिए बने रोजगार के नए अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के 322 डिपुओं के माध्यम से हिम भोग ब्रांड का प्राकृतिक खेती से मक्की का आटा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। इन डिपुओं में अब अन्य सामान के साथ-साथ सस्ते दाम पर हिम मक्की आटा भी उपलब्ध है। ऊना जिले में अब तक 16 किसानों से 111 क्विंटल प्राकृतिक मक्की की खरीदारी की है। हिमाचल प्रदेश देशभर में गेहूं और मक्की के लिए सर्वाधिक समर्थन मूल्य निर्धारित करने वाला राज्य है। किसानों से गेहूं 40 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी जा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए सरकार ने ‘हिम भोग’ ब्रांड के साथ हिम मक्की आटा बाजार में उतारा है। यह प्रयास किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति प्रेरित करने और उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने पहले चरण में हिम मक्की आटा लॉन्च किया है, जिसे 1 किलो और 5 किलो की पैकेजिंग में उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार मक्की को 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है, ताकि अधिक से अधिक किसान और युवा इस योजना से लाभान्वित हो सकें। आगे इसे और व्यापक बनाया जाएगा और अन्य प्राकृतिक खेती उत्पाद भी हिम भोग ब्रांड के तहत बाजार में उतारे जाएंगे।
ऊना के जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा ने बताया कि उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता का आटा प्रदान किया जा रहा है।
ऊना की नीलम द्विवेदी ने बताया कि हिम मक्की आटा उन्हें सस्ते दामों पर उचित मूल्य की दुकानों से मिल रहा है। यह खाने में स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है। कोटला कलां निवासी सुलेखा देवी और सोनिया सैनी बताती हैं कि डिपो में 50 रुपये प्रति किलोग्राम की पैकेजिंग में हिम मक्की आटा खरीदा है। यह आटा डायबिटीज रोगियों के लिए बड़ा लाभकारी सिद्ध हो रहा है। वहीं, चताड़ा की मीना देवी और सर्वजीत कौर ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से तैयार यह आटा स्वास्थ्यवर्धक तो है ही, साथ ही बाजार से किफायती दरों पर उपलब्ध हो रहा है।
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ऊना के उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि हिमाचल सरकार की हिम प्राकृतिक खेती उत्पाद योजना के तहत हिम भोग आटा की यह पहल किसानों के हितों को संरक्षित करने में कारगर रही है। इसके तहत लोगों को स्वास्थ्यवर्धक आहार विकल्प मिलने के साथ ही राज्य की युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने का एक बेहतरीन अवसर उपलब्ध हो रहा है।
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