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Una News: मानसून रूठा... सावन सूखा, फसलों पर संकट के बादल

Sat, 10 Aug 2024 04:55 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sat, 10 Aug 2024 04:55 AM IST
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Monsoon upset... Sawan drought, clouds of crisis on crops
- हरोली और ऊना में किसान परेशान, धान-मक्की और बैंगन समेत अन्य फसलों की करनी पड़ रही सिंचाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सावन में बारिश की झड़ी की उम्मीद में बैठे किसान कमजोर मानसून से मायूस हैं। सावन सूखा ही निकल गया। धान-मक्की और बैंगन समेत अन्य फसलों पर संकट के बादल छाए हुए हैं। किसान खेतों की सिंचाई कर संकट के इन बादलों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। कई सालों बाद मानसून में सूखे जैसे हालात हुए हैं। 15 से 20 मिनट की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है।
आलू की खेती के लिए तैयार किए जा रहे खेतों की मिट्टी पूरी कर सूख चुकी है। जिला के हरोली और ऊना क्षेत्र में बेहद कम बारिश हुई है। कई खेतों में आलू की खेती के लिए बुवाई हो रही है। लेकिन किसान हैरान हैं कि नीचे से मिट्टी सूखी बाहर आ रही है। इन इलाकों में किसान इस समय फसलों को पानी देने में व्यस्त हैं। यही नहीं, किसानों ने जिन खेतों में बरसाती पानी की उम्मीद के चलते धान की फसल लगाई है वहां भी जमीन सूखने लगी है। किसान अपने स्तर पर पानी का जुगाड़ कर फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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बरसात में पहली बार देखा ऐसा सूखा
किसान प्रेम चंद, रविंद्र कुमार, रघुवीर सिंह, राजेश धीमान और रोहित कहते हैं कि कुछ खेतों में बीते वीरवार को सिंचाई की है जबकि कुछ में इसको लेकर तैयारी है। पहले जुलाई सूखा चला गया तो अगस्त में अच्छी बारिश की आस जगी। लेकिन अगस्त का पहला हफ्ता भी बीत गया, लेकिन बारिश नहीं हुई। किसान कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में बरसात के मौसम में ऐसा सूखा पहली बार देखा।
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कोट्स
फसलों की स्थिति जिला में अच्छी है। बंगाणा, अंब और गगरेट में गैर सिंचित इलाके हैं। वहां बारिश हो रही है। ऊना और हरोली में सिंचाई सुविधा है। ऐसे में जहां कम बारिश के चलते फसलें खतरे में हैं, वहां किसान सिंचाई कर रहे हैं। हालांकि, बरसात में सिंचाई करने जैसी स्थिति बेहद कम देखी गई है। - डॉ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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