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Una News: इंडेन गैस प्लांट में निभाई मॉक ड्रिल की औपचारिकता
Thu, 12 Mar 2026 06:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 12 Mar 2026 06:28 AM IST
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इंडेन गैस प्लांट रायपुर सहोड़ा में मॉकड्रिल के दृश्य। स्रोत : डीपीआरओ
मैहतपुर (ऊना)। रायपुर सहोड़ा के इंडेन गैस प्लांट में बुधवार सुबह 11 बजते ही खतरे के सायरन बजने लगे, दमकल विभाग की गाड़ियां हूटर बजाते हुए इंडेन गैस प्लांट की ओर भागे जा रही थीं। एंबुलेंस किसी अनहोनी घटना पर तुरंत कैसे और कितनी जल्द पहुंच सकती है, यह परखा जा रहा था। क्योंकि स्थानीय गैस प्लांट में मॉक ड्रिल की रस्म अदा की जा रही थी। मॉक ड्रिल का उद्देश्य स्थानीय कर्मचारियों, अधिकारियों तथा ट्रक चालकों-परिचालकों, आसपास के दुकानदारों, राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को किसी अनहोनी घटना से बचने और दूसरों को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है, के बारे में जागरूक करना है। हैरानी की बात यह कि मॉक ड्रिल में वही पुरानी प्रक्रिया को नए रूप में दिखा कर एक रस्म अदा की जा रही है।
जागरूक लोगों की मानें तो इंडेन गैस प्लांट कंपनी की अपनी एक भी एम्बुलेंस नहीं है जो स्थायी रूप से यहां खड़ी हो और किसी भी अनहोनी घटना होने पर तुरंत पीड़ित को अस्पताल ले जा सके। जितने में ऊना से एंबुलेंस आएगी, उतने में तो पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि मॉक ड्रिल क्या इंडेन गैस प्लांट के कर्मचारियों तक ही सीमित होनी चाहिए क्या इसकी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को नहीं होनी चाहिए लेकिन स्थानीय ग्रामीणों को पता नहीं क्यों इस मॉक ड्रिल में शामिल ही नहीं किया जाता। क्या किसी आपात परिस्थिति में स्थानीय ग्रामीण खुद को और दूसरों को कैसे बचा सकते है, इसके प्रति उन्हे जागरूकता की जरूरत नहीं है। इस मॉक ड्रिल में विभिन्न सुरक्षा पहलुओं को नजर में रखते हुए एक अभ्यास किया गया ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नुकसान को कम से कम किया जा सके। एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से की जाने वाली प्रक्रिया है, जिसमें सभी लोगों को जागरूक होना चाहिए।
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जागरूक लोगों की मानें तो इंडेन गैस प्लांट कंपनी की अपनी एक भी एम्बुलेंस नहीं है जो स्थायी रूप से यहां खड़ी हो और किसी भी अनहोनी घटना होने पर तुरंत पीड़ित को अस्पताल ले जा सके। जितने में ऊना से एंबुलेंस आएगी, उतने में तो पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि मॉक ड्रिल क्या इंडेन गैस प्लांट के कर्मचारियों तक ही सीमित होनी चाहिए क्या इसकी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को नहीं होनी चाहिए लेकिन स्थानीय ग्रामीणों को पता नहीं क्यों इस मॉक ड्रिल में शामिल ही नहीं किया जाता। क्या किसी आपात परिस्थिति में स्थानीय ग्रामीण खुद को और दूसरों को कैसे बचा सकते है, इसके प्रति उन्हे जागरूकता की जरूरत नहीं है। इस मॉक ड्रिल में विभिन्न सुरक्षा पहलुओं को नजर में रखते हुए एक अभ्यास किया गया ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नुकसान को कम से कम किया जा सके। एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से की जाने वाली प्रक्रिया है, जिसमें सभी लोगों को जागरूक होना चाहिए।
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