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अब नहीं भटकेंगे किसान, चुरूडू में होगा औषधीय पौधों का क्रय-विक्रय
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ऊना। चुरूडू में जिले का पहला औषधीय पौध फैब्रीकेटिड स्टोरेज केंद्र स्थापित किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग की तरफ से स्टोरेज केंद्र को बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस केंद्र के बनने से जिला में औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों को भटकना नहीं पड़ेगा।
स्टोरेज केंद्र में जड़ी-बूटियां आदि को स्टोर कर रखा जा सकेगा। इसके अलावा इन उत्पादों की खरीद करने वाले कंपनियों भी कच्चा माल इस केंद्र से खरीद सकेंगी। स्टोरेज केंद्र के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सितंबर में स्टोरेज केंद्र का निर्माण शुरू होने की संभावना है। जिले के चुरूडू में इस केंद्र का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस केंद्र में औषधीय पौधों के उत्पाद और कच्चे माल को स्टोर किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
बता दें कि जिले में अब किसानों ने परंपरागत खेती के अलावा औषधीय पौधों की खेती में अपनी रुचि दिखाना शुरू कर दिया है। इसके चलते आयुर्वेद विभाग ने औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसानों की सुविधा के लिए उनके उत्पाद बेचने और उन्हें स्टोर करने के लिए खरीद और कलेक्शन सेंटर का निर्माण करने का जा रहा है। स्टोरेज और खरीद केंद्र में सर्वगंध, गिलोय, एलोवेरा, शतावर, सर्पगंध, नीम, आंवला, अश्वगंधा सहित अन्य औषधीय जड़ी-बूटी आदि के खरीदने और बेचने की सुविधा रहेगी। इस केंद्र का निर्माण सितंबर के अंत तक शुरू हो जाएगा।
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इस संबंध में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जिला में पहला औषधीय उत्पाद खरीद व स्टोरेज केंद्र चुरूडू में स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। करीब दस लाख की लागत से इस केंद्र को तैयार किया जा रहा है।
मार्केट दाम पर उत्पाद बेचने की मिलेगी सुविधा
वर्तमान समय में जिला में लगभग 50 हेक्टेयर की भूमि पर औषधीय पौधों की खेती जा रही है। भविष्य में इसकी अधिक बढ़ने कर संभावना है। जिला में बनने जा रहे औषधीय उत्पाद केंद्र में किसानों के उत्पाद को मार्केट की चल रहे दाम के हिसाब से खरीदा और बेचा जाएगा। इससे किसानों को लाभ मिल सके। इसके अलावा जिला में अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के खरीद और स्टोरेज केंद्र स्थापित करने के लिए आयुर्वेद विभाग की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं।
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स्टोरेज केंद्र में जड़ी-बूटियां आदि को स्टोर कर रखा जा सकेगा। इसके अलावा इन उत्पादों की खरीद करने वाले कंपनियों भी कच्चा माल इस केंद्र से खरीद सकेंगी। स्टोरेज केंद्र के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सितंबर में स्टोरेज केंद्र का निर्माण शुरू होने की संभावना है। जिले के चुरूडू में इस केंद्र का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस केंद्र में औषधीय पौधों के उत्पाद और कच्चे माल को स्टोर किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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बता दें कि जिले में अब किसानों ने परंपरागत खेती के अलावा औषधीय पौधों की खेती में अपनी रुचि दिखाना शुरू कर दिया है। इसके चलते आयुर्वेद विभाग ने औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसानों की सुविधा के लिए उनके उत्पाद बेचने और उन्हें स्टोर करने के लिए खरीद और कलेक्शन सेंटर का निर्माण करने का जा रहा है। स्टोरेज और खरीद केंद्र में सर्वगंध, गिलोय, एलोवेरा, शतावर, सर्पगंध, नीम, आंवला, अश्वगंधा सहित अन्य औषधीय जड़ी-बूटी आदि के खरीदने और बेचने की सुविधा रहेगी। इस केंद्र का निर्माण सितंबर के अंत तक शुरू हो जाएगा।
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इस संबंध में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जिला में पहला औषधीय उत्पाद खरीद व स्टोरेज केंद्र चुरूडू में स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। करीब दस लाख की लागत से इस केंद्र को तैयार किया जा रहा है।
मार्केट दाम पर उत्पाद बेचने की मिलेगी सुविधा
वर्तमान समय में जिला में लगभग 50 हेक्टेयर की भूमि पर औषधीय पौधों की खेती जा रही है। भविष्य में इसकी अधिक बढ़ने कर संभावना है। जिला में बनने जा रहे औषधीय उत्पाद केंद्र में किसानों के उत्पाद को मार्केट की चल रहे दाम के हिसाब से खरीदा और बेचा जाएगा। इससे किसानों को लाभ मिल सके। इसके अलावा जिला में अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के खरीद और स्टोरेज केंद्र स्थापित करने के लिए आयुर्वेद विभाग की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं।