{"_id":"6a456624f495111f62011afa","slug":"major-cross-voting-drama-in-gagret-panchayat-samiti-congress-clinches-the-post-of-chairperson-una-news-c-93-1-una1002-197065-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: गगरेट पंस में क्रॉस वोटिंग का बड़ा खेल अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस ने मारी बाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: गगरेट पंस में क्रॉस वोटिंग का बड़ा खेल अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस ने मारी बाजी
Thu, 02 Jul 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
गगरेट ब्लॉक समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष बृजेश डोगरा एवं उपाध्यक्ष दीपांशु डढ़वाल शपथ ग्रहण करत
गगरेट (ऊना)। पंचायत समिति (पंस) गगरेट के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में बुधवार को ऐसा अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जिसने सभी राजनीतिक समीकरण उलट कर रख दिए। चुनाव से पहले भाजपा जहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत का दावा कर रही थी, वहीं मतदान के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित बृजेश डोगरा ने 15 मत हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस की प्रतिष्ठा बचा ली जबकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित दीपांशु डडवाल ने 16 मत लेकर शानदार जीत हासिल की। दोनों पदों पर आए विपरीत नतीजों ने साफ कर दिया कि पंचायत समिति में बड़े स्तर पर क्रॉस वोटिंग हुई।
20 सदस्यीय पंचायत समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए बुधवार को चुनाव निर्धारित था। मतदान से ठीक पहले चुनाव स्थल पर हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। शुरुआत में केवल छह सदस्य ही चुनाव स्थल पर पहुंचे जबकि 14 सदस्य भाजपा द्वारा प्रत्याशी चयन के लिए बुलाई गई बैठक में मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि दो सदस्य मंदिर में माथा टेकने की बात कहकर निकले थे लेकिन वे भी भाजपा की बैठक में पहुंच गए।
विज्ञापन
इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही विधायक राकेश कालिया स्वयं भाजपा की बैठक में पहुंच गए। वहां उन्होंने भाजपा नेताओं पर दो पंचायत समिति सदस्यों को जबरन बैठक में ले जाने का आरोप लगाया। इस दौरान विधायक कालिया और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश ठाकुर के बीच तीखी नोक झोक भी हुई। हालांकि भाजपा नेताओं ने इन आरोपों का जवाब दिया लेकिन माना जा रहा है कि इसी दौरान विधायक कालिया ने ऐसा राजनीतिक दांव खेला जिसने पूरे चुनाव की दिशा ही बदल दी।
निर्धारित समय से पांच मिनट पहले सभी 20 सदस्य चुनाव स्थल पर पहुंच गए और नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से बृजेश डोगरा तथा भाजपा की ओर से राकेश कुमार ने नामांकन दाखिल किया। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित दीपांशु डडवाल, कांग्रेस समर्थित अविनाश कुमार के अलावा भाजपा नेत्री बृज बाला सूद और पंचायत समिति सदस्य रेणु ने भी नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। इससे चुनाव में अंदरूनी रणनीति और राजनीतिक खेल की चर्चाएं तेज हो गईं।
नामांकन पत्रों की जांच से ठीक पहले बृज बाला सूद और रेणु ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद उपाध्यक्ष पद पर सीधा मुकाबला दीपांशु डडवाल और अविनाश कुमार के बीच रह गया। मतदान में दीपांशु डडवाल ने 16-4 के अंतर से जीत दर्ज कर भाजपा की झोली में उपाध्यक्ष पद डाल दिया।
हालांकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रचंड जीत के तुरंत बाद अध्यक्ष पद के परिणाम ने सभी को चौंका दिया। कांग्रेस समर्थित बृजेश डोगरा को 15 मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी राकेश कुमार महज पांच मतों पर सिमट गए।
दोनों चुनावों के नतीजों की तुलना से स्पष्ट हो गया कि पंचायत समिति में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई, जिसने भाजपा की जीत की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए कांग्रेस को हारी हुई बाजी जिता दी।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित बृजेश डोगरा ने 15 मत हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस की प्रतिष्ठा बचा ली जबकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित दीपांशु डडवाल ने 16 मत लेकर शानदार जीत हासिल की। दोनों पदों पर आए विपरीत नतीजों ने साफ कर दिया कि पंचायत समिति में बड़े स्तर पर क्रॉस वोटिंग हुई।
विज्ञापन
20 सदस्यीय पंचायत समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए बुधवार को चुनाव निर्धारित था। मतदान से ठीक पहले चुनाव स्थल पर हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। शुरुआत में केवल छह सदस्य ही चुनाव स्थल पर पहुंचे जबकि 14 सदस्य भाजपा द्वारा प्रत्याशी चयन के लिए बुलाई गई बैठक में मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि दो सदस्य मंदिर में माथा टेकने की बात कहकर निकले थे लेकिन वे भी भाजपा की बैठक में पहुंच गए।
विज्ञापन
इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही विधायक राकेश कालिया स्वयं भाजपा की बैठक में पहुंच गए। वहां उन्होंने भाजपा नेताओं पर दो पंचायत समिति सदस्यों को जबरन बैठक में ले जाने का आरोप लगाया। इस दौरान विधायक कालिया और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश ठाकुर के बीच तीखी नोक झोक भी हुई। हालांकि भाजपा नेताओं ने इन आरोपों का जवाब दिया लेकिन माना जा रहा है कि इसी दौरान विधायक कालिया ने ऐसा राजनीतिक दांव खेला जिसने पूरे चुनाव की दिशा ही बदल दी।
निर्धारित समय से पांच मिनट पहले सभी 20 सदस्य चुनाव स्थल पर पहुंच गए और नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से बृजेश डोगरा तथा भाजपा की ओर से राकेश कुमार ने नामांकन दाखिल किया। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित दीपांशु डडवाल, कांग्रेस समर्थित अविनाश कुमार के अलावा भाजपा नेत्री बृज बाला सूद और पंचायत समिति सदस्य रेणु ने भी नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। इससे चुनाव में अंदरूनी रणनीति और राजनीतिक खेल की चर्चाएं तेज हो गईं।
नामांकन पत्रों की जांच से ठीक पहले बृज बाला सूद और रेणु ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद उपाध्यक्ष पद पर सीधा मुकाबला दीपांशु डडवाल और अविनाश कुमार के बीच रह गया। मतदान में दीपांशु डडवाल ने 16-4 के अंतर से जीत दर्ज कर भाजपा की झोली में उपाध्यक्ष पद डाल दिया।
हालांकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रचंड जीत के तुरंत बाद अध्यक्ष पद के परिणाम ने सभी को चौंका दिया। कांग्रेस समर्थित बृजेश डोगरा को 15 मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी राकेश कुमार महज पांच मतों पर सिमट गए।
दोनों चुनावों के नतीजों की तुलना से स्पष्ट हो गया कि पंचायत समिति में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई, जिसने भाजपा की जीत की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए कांग्रेस को हारी हुई बाजी जिता दी।