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क्की की फसल को बारिश का इंतजार, कई जगह राहत
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हरोली क्षेत्र के पंडोगा गांव में मक्की की फसल। संवाद
- फोटो : Una
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के गैर सिंचित क्षेत्रों में मक्की की फसल लगाने के लिए किसानों को इस समय बारिश का इंतजार है। मंगलवार को गगरेट क्षेत्र में बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन ऊना, हरोली और संतोषगढ़ क्षेत्रों में अभी भी किसानों को बारिश का इंतजार है।
दरअसल बीते दिनों जिला के अधिकतर हिस्सों में बारिश होने के बाद कई गैर सिंचित क्षेत्रों में भी किसानों ने मक्की की बिजाई कर डाली। अब बारिश न होने से फसल खराब होने की स्थिति में है। जानकारी के अनुसार अभी तक जिला में 1,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर मक्की की फसल उगाई जा चुकी है। वहीं, कुछ किसान मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को जिला के गगरेट क्षेत्र में बारिश होने से वहां के गैर सिंचित क्षेत्रों में उगाई मक्की को जीवनदान मिल गया, लेकिन बाकी क्षेत्रों में हवा तो चलती रही पर बारिश नहीं हुई। जिन खेतों में सिंचाई की व्यवस्था है वहां हर तीसरे या चौथे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है।
हरोली क्षेत्र के किसानों किशोरी लाल, बलराम कुमार, मदन लाल, तेजपाल ने बताया कि बीते दिनों बारिश के बाद उन्हें 28 या 29 मई को बारिश की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कहा कि गैर सिंचित क्षेत्रों में अब फसल सूखने लगी है। ऐसे में बारिश की सख्त जरूरत है। इस संबंध में कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि बीजी गई मक्की फसल को अब सिंचाई की जरूरत है। बारिश होती है तो फसल वरदान साबित होगी। गैर सिंचित क्षेत्रों में बारिश न होने पर मक्की की फसल को नुकसान हो सकता है।
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बारिश से तापमान में गिरावट
गगरेट क्षेत्र में बारिश होने के बाद जिला के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर बाद से चला हवाओं का दौर देर शाम तक जारी रहा। मंगलवार को जिला का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया गर्मी बढ़ने पर जिला के क्षेत्रों में थोड़ी देर बारिश की संभावना है। कहा कि क्षेत्र में 15 जून के आसपास मानसून दस्तक दे सकता है।
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ऊना। जिला के गैर सिंचित क्षेत्रों में मक्की की फसल लगाने के लिए किसानों को इस समय बारिश का इंतजार है। मंगलवार को गगरेट क्षेत्र में बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन ऊना, हरोली और संतोषगढ़ क्षेत्रों में अभी भी किसानों को बारिश का इंतजार है।
दरअसल बीते दिनों जिला के अधिकतर हिस्सों में बारिश होने के बाद कई गैर सिंचित क्षेत्रों में भी किसानों ने मक्की की बिजाई कर डाली। अब बारिश न होने से फसल खराब होने की स्थिति में है। जानकारी के अनुसार अभी तक जिला में 1,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर मक्की की फसल उगाई जा चुकी है। वहीं, कुछ किसान मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को जिला के गगरेट क्षेत्र में बारिश होने से वहां के गैर सिंचित क्षेत्रों में उगाई मक्की को जीवनदान मिल गया, लेकिन बाकी क्षेत्रों में हवा तो चलती रही पर बारिश नहीं हुई। जिन खेतों में सिंचाई की व्यवस्था है वहां हर तीसरे या चौथे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है।
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हरोली क्षेत्र के किसानों किशोरी लाल, बलराम कुमार, मदन लाल, तेजपाल ने बताया कि बीते दिनों बारिश के बाद उन्हें 28 या 29 मई को बारिश की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कहा कि गैर सिंचित क्षेत्रों में अब फसल सूखने लगी है। ऐसे में बारिश की सख्त जरूरत है। इस संबंध में कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि बीजी गई मक्की फसल को अब सिंचाई की जरूरत है। बारिश होती है तो फसल वरदान साबित होगी। गैर सिंचित क्षेत्रों में बारिश न होने पर मक्की की फसल को नुकसान हो सकता है।
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बारिश से तापमान में गिरावट
गगरेट क्षेत्र में बारिश होने के बाद जिला के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर बाद से चला हवाओं का दौर देर शाम तक जारी रहा। मंगलवार को जिला का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया गर्मी बढ़ने पर जिला के क्षेत्रों में थोड़ी देर बारिश की संभावना है। कहा कि क्षेत्र में 15 जून के आसपास मानसून दस्तक दे सकता है।