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Una News: जुलाई में बीते पांच साल में सबसे कम बारिश दर्ज, मात्र 189.6 एमएम बरसे मेघ
Thu, 01 Aug 2024 01:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 01 Aug 2024 01:17 AM IST
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बीते साल हुई थी सबसे अधिक 512 एमएम बारिश, पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार तीन गुना कम बारिश
कृषि कार्य हुआ प्रभावित, लोगों ने कहा- इस बार सूखा पड़ने जैसे हालात, यह स्थिति ठीक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बीते पांच सालों में अगर जुलाई माह का रिकॉर्ड देखा जाए तो इस साल सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष लगभग 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
वहीं, 2019 से लेकर वर्तमान वर्ष तक जुलाई में ऐसा कभी नहीं हुआ कि 290 एमएम से कम बारिश हुई हो। लेकिन इस वर्ष जुलाई में मात्र 189.6 एमएम बारिश हुई है। इस प्रकार इस वर्ष 190 एमएम कम बारिश हुई। इससे जिलावासियों को जुलाई माह में उमेश भरी गर्मी से जूझना पड़ा। वहीं, कम हुई बारिश से कृषि कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
चिंताजनक यह भी है कि पूरे जुलाई में जिलेभर में एक साथ बारिश नहीं देखी गई। जहां बारिश हुई तो वह 15 मिनट से लेकर एक घंटे तक हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से छुटकारा तो नहीं मिला, बल्कि समस्या और बढ़ गई। ध्यान रहे कि बीते वर्ष जुलाई माह में हुई बारिश को अभी तक लोग नहीं भूले। नदी-नाले उफान पर थे और करोड़ों का नुकसान हुआ था। इसके विपरीत इस साल जरूरत मुताबिक बारिश भी नहीं हुई। क्षेत्र के किसान प्रेम चंद, विनोद कुमार, रविंद्र सैनी ने बताया कि पहली बार ऐसा हो रहा कि बरसात में फसलों की सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है।
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बीते पांच वर्ष का रिकॉर्ड
2019 में 299.6 एमएम
2020 में 369एमएम
2021 में 342.6एमएम
2022 में 300 एमएम
2023 में 512एमएम
कोट्स
जिले में इस साल जुलाई माह में बीते पांच साल में सबसे कम बारिश दर्ज हुई है। कमजोर मानसून इसका मुख्य कारण रहा। अगस्त माह में अच्छी बारिश की उम्मीद है। इससे जुलाई की भरपाई हो सकती है।
विनोद शर्मा, मौसम विशेषज्ञ
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कृषि कार्य हुआ प्रभावित, लोगों ने कहा- इस बार सूखा पड़ने जैसे हालात, यह स्थिति ठीक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बीते पांच सालों में अगर जुलाई माह का रिकॉर्ड देखा जाए तो इस साल सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष लगभग 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
वहीं, 2019 से लेकर वर्तमान वर्ष तक जुलाई में ऐसा कभी नहीं हुआ कि 290 एमएम से कम बारिश हुई हो। लेकिन इस वर्ष जुलाई में मात्र 189.6 एमएम बारिश हुई है। इस प्रकार इस वर्ष 190 एमएम कम बारिश हुई। इससे जिलावासियों को जुलाई माह में उमेश भरी गर्मी से जूझना पड़ा। वहीं, कम हुई बारिश से कृषि कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
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चिंताजनक यह भी है कि पूरे जुलाई में जिलेभर में एक साथ बारिश नहीं देखी गई। जहां बारिश हुई तो वह 15 मिनट से लेकर एक घंटे तक हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से छुटकारा तो नहीं मिला, बल्कि समस्या और बढ़ गई। ध्यान रहे कि बीते वर्ष जुलाई माह में हुई बारिश को अभी तक लोग नहीं भूले। नदी-नाले उफान पर थे और करोड़ों का नुकसान हुआ था। इसके विपरीत इस साल जरूरत मुताबिक बारिश भी नहीं हुई। क्षेत्र के किसान प्रेम चंद, विनोद कुमार, रविंद्र सैनी ने बताया कि पहली बार ऐसा हो रहा कि बरसात में फसलों की सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है।
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बीते पांच वर्ष का रिकॉर्ड
2019 में 299.6 एमएम
2020 में 369एमएम
2021 में 342.6एमएम
2022 में 300 एमएम
2023 में 512एमएम
कोट्स
जिले में इस साल जुलाई माह में बीते पांच साल में सबसे कम बारिश दर्ज हुई है। कमजोर मानसून इसका मुख्य कारण रहा। अगस्त माह में अच्छी बारिश की उम्मीद है। इससे जुलाई की भरपाई हो सकती है।
विनोद शर्मा, मौसम विशेषज्ञ