फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Loneliness is increasing depression and high blood pressure in the elderly

Una News: अकेलेपन से बुजुर्गों में बढ़ रहा अवसाद और उच्च रक्तचाप

Thu, 25 Jul 2024 05:05 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 25 Jul 2024 05:05 AM IST
विज्ञापन
Loneliness is increasing depression and high blood pressure in the elderly
अंब अस्पताल का भवन।संवाद
ऊना। जिला ऊना के नागरिक अस्पताल अंब में हाल ही में मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी की शुरू हुई है। मनोरोग ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मगर इनमें बुजुर्गों की संख्या अधिक हैं। रोजाना औसतन 40 बुजुर्ग मनोरोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा की जा रही काउंसिलिंग के दौरान चौकाने वाली बात सामने आई है। विशेषज्ञ का कहना है कि अकेलेपन के कारण बुजुर्गों में डिप्रेशन और हाइपरटेंशन के मामले बढ़े हैं।
विज्ञापन

अंब अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नवदीप जोशी का कहना है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में से बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। इस दौरान अस्पताल में बुजुर्गों की उपचार के साथ ही काउंसलिंग भी की जा रही है, ताकि वह डिप्रेशन में अन्य मानसिक रोगों से दूर रह सकें। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का मानसिक स्वास्थ्य तभी प्रभावित होता है, जब वे अपने आप को अलग-थलग अथवा अकेला महसूस करते हैं। क्योंकि आमतौर पर बुजुर्गों को यही लगता है कि वे स्वतंत्र रूप से कहीं आ-जा नहीं सकते या किसी से मिल जुल नहीं सकते।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम भी बुजुर्गों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है। मानसिक अवसाद से बचने के लिए बुजुर्गों को अपने आप को व्यस्त रखना चाहिए। क्योंकि अकेलापन होने से ही डिप्रेशन और हाइपरटेंशन जैसी समस्या होती है। इसके अलावा जिन परिवारों में बुजुर्गों के साथ बच्चे और अन्य सदस्य भी रहते हैं, उन्हें बुजुर्गों के साथ मिलजुल कर रहना चाहिए, ताकि वे खुद को अकेला महसूस न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन



मानसिक रोगी के यह होते हैं लक्षण

मानसिक रोगी अकसर व्यक्ति अकेले में बात करता है। अधिक लोगों से बातचीत नहीं करता और अधिक गुस्सा आदि करता है। इसमें कुछ मरीज एक तरह की काल्पनिक दुनिया या भ्रम की स्थिति में रहते हैं। उनका नजरिया वास्तविक दुनिया से अलग होता है। ऐसे में अगर इस प्रकार के लक्षण दिखाएं तो उक्त व्यक्ति को जल्द से जल्द मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed