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Una News: बच्चों में आत्मविश्वास, जीवन कौशल के गुण भरेंगे कब और बुलबुल विंग
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पहल
पहली से पांचवीं कक्षा तक बनाए जा रहे स्काउट एंड गाइड के विंग
लड़के कब और लड़कियां बुलबुल विंग का होंगी हिस्सा
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को बच्चों के यूनिट बनाने के दिए आदेश ऊना। हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जीवन कौशल, चरित्र निर्माण और अनुशासन विकसित करने के लिए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की कब और बुलबुल विंग शुरू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने पहली बार सभी प्राथमिक विद्यालयों में इन यूनिट्स को सक्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं। इसमें कब विंग में लड़के और बुलबुल विंग में लड़कियां शामिल होंगी। कब और बुलबुल कार्यक्रम 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक माने जाते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सहयोग, सेवा, अनुशासन और टीमवर्क जैसे जीवन मूल्यों का विकास किया जाता है। खेल, बाहरी गतिविधियां और रोमांच के ज़रिये ये कार्यक्रम बच्चों को रचनात्मकता और आत्मविश्वास के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों को कब मास्टर और फ्लॉक लीडर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए एक बुनियादी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में स्कूलों में बच्चों की यूनिट्स गठित की जाएंगी और फिर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हाल ही में शिक्षा विभाग की समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में स्काउट्स एंड गाइड्स की कब और बुलबुल इकाइयां सक्रिय नहीं हैं। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी विद्यालयों में इन यूनिट्स को सुदृढ़ और व्यवस्थित करने के निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि छठी से बारहवीं कक्षा तक पहले से स्काउट्स एंड गाइड्स कार्यक्रम लागू है, लेकिन पहली बार प्राइमरी स्तर पर इसे शुरू किया जा रहा है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सोमलाल धीमान ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और केंद्र मुख्य अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ विद्यालयों में कब और बुलबुल विंग को सक्रिय करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
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कार्यक्रम की विशेषताएं
आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जीवन कौशल का विकास
खेल, बाहरी रोमांच और टीमवर्क आधारित गतिविधियां
बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरणा
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पहली से पांचवीं कक्षा तक बनाए जा रहे स्काउट एंड गाइड के विंग
लड़के कब और लड़कियां बुलबुल विंग का होंगी हिस्सा
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को बच्चों के यूनिट बनाने के दिए आदेश ऊना। हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जीवन कौशल, चरित्र निर्माण और अनुशासन विकसित करने के लिए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की कब और बुलबुल विंग शुरू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने पहली बार सभी प्राथमिक विद्यालयों में इन यूनिट्स को सक्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं। इसमें कब विंग में लड़के और बुलबुल विंग में लड़कियां शामिल होंगी। कब और बुलबुल कार्यक्रम 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक माने जाते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सहयोग, सेवा, अनुशासन और टीमवर्क जैसे जीवन मूल्यों का विकास किया जाता है। खेल, बाहरी गतिविधियां और रोमांच के ज़रिये ये कार्यक्रम बच्चों को रचनात्मकता और आत्मविश्वास के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों को कब मास्टर और फ्लॉक लीडर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए एक बुनियादी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में स्कूलों में बच्चों की यूनिट्स गठित की जाएंगी और फिर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हाल ही में शिक्षा विभाग की समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में स्काउट्स एंड गाइड्स की कब और बुलबुल इकाइयां सक्रिय नहीं हैं। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी विद्यालयों में इन यूनिट्स को सुदृढ़ और व्यवस्थित करने के निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि छठी से बारहवीं कक्षा तक पहले से स्काउट्स एंड गाइड्स कार्यक्रम लागू है, लेकिन पहली बार प्राइमरी स्तर पर इसे शुरू किया जा रहा है।
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प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सोमलाल धीमान ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और केंद्र मुख्य अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ विद्यालयों में कब और बुलबुल विंग को सक्रिय करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
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कार्यक्रम की विशेषताएं
आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जीवन कौशल का विकास
खेल, बाहरी रोमांच और टीमवर्क आधारित गतिविधियां
बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरणा