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पुराना राजस्व रिकॉर्ड लेने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालयों के चक्कर
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ऊना। जिले में अब पुराने जमीन के रिकार्ड के लिए लोगों को तहसील और राजस्व विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। जिले में उर्दू भाषा का रिकार्ड को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इससे नकल एजेंसी में बार-बार फर्द लेने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस योजना के तहत अंब व हरोली उपमंडल का अधिकांश रिकार्ड अपलोड कर लिया गया है।
भूमि संबंधी पुराना रिकार्ड लेने के लिए तहसील में स्थापित नकल एजेंसी में पुरानी फर्द लेने के लिए आवेदन देना पड़ता है। जिसके कुछ दिनों बाद फर्द मिल पाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए राजस्व विभाग पुराने रिकार्ड को ऑनलाइन करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला स्तर पर स्थापित रिकार्ड रूम में राजस्व विभाग का पुराना रिकार्ड रखा गया है, लेकिन कई साल बीत जाने के कारण अब रिकार्ड भी खराब होना शुरू हो गया है।
इसके चलते अब इस रिकार्ड को डिजिटल करने के लिए प्रशासन व राजस्व विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। पुराना राजस्व रिकार्ड ऑनलाइन होने से आम लोगों को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। साथ ही, पटवारियों से काम का बोझ भी कम होगा। इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी जोगिंद्र पटियाल ने कहा कि जिले का पुराना रिकार्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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2005 के बाद का रिकार्ड पहले ही है ऑनलाइन
जिले में 2005 से लेकर अभी तक सारा राजस्व रिकार्ड व जमाबंदी रिपोर्ट ऑनलाइन मौजूद है। इसी तर्ज पर पुराने रिकार्ड को भी संरक्षित कर उसे ऑनलाइन करने के लिए प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसके लिए रोजाना पुराने को स्कैन कर अपडेट किया जा रहा है।
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भूमि संबंधी पुराना रिकार्ड लेने के लिए तहसील में स्थापित नकल एजेंसी में पुरानी फर्द लेने के लिए आवेदन देना पड़ता है। जिसके कुछ दिनों बाद फर्द मिल पाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए राजस्व विभाग पुराने रिकार्ड को ऑनलाइन करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला स्तर पर स्थापित रिकार्ड रूम में राजस्व विभाग का पुराना रिकार्ड रखा गया है, लेकिन कई साल बीत जाने के कारण अब रिकार्ड भी खराब होना शुरू हो गया है।
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इसके चलते अब इस रिकार्ड को डिजिटल करने के लिए प्रशासन व राजस्व विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। पुराना राजस्व रिकार्ड ऑनलाइन होने से आम लोगों को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। साथ ही, पटवारियों से काम का बोझ भी कम होगा। इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी जोगिंद्र पटियाल ने कहा कि जिले का पुराना रिकार्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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2005 के बाद का रिकार्ड पहले ही है ऑनलाइन
जिले में 2005 से लेकर अभी तक सारा राजस्व रिकार्ड व जमाबंदी रिपोर्ट ऑनलाइन मौजूद है। इसी तर्ज पर पुराने रिकार्ड को भी संरक्षित कर उसे ऑनलाइन करने के लिए प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसके लिए रोजाना पुराने को स्कैन कर अपडेट किया जा रहा है।