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93वां संविधान संशोधन उच्च शिक्षण संस्थानों में करो लागू : समिति
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सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति ने उठाई मांग
मानसून सत्र में नहीं हुआ तो समिति करेगी आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति ने मांग की है कि प्रदेश सरकार मानसून सत्र में 93वां संविधान संशोधन लागू करे। समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी, महासचिव कैप्टन अमरीक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फ्लाइंग ऑफिसर पूर्ण देव व सचिव पूर्व सैनिक सुभाष कौंडल ने संयुक्त बयान में कहा कि जब प्रदेश के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में 103वां संशोधन लागू हो सकता है, तो 93वां क्यों नहीं। संविधान की मूल भावना समानता है, लेकिन प्रदेश की आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ी 48 जातियों को आरक्षण से वंचित रखा गया है। नतीजतन हर साल 6 मेडिकल कॉलेजों में सामान्य वर्ग से 57 डॉक्टर बन रहे हैं, जबकि ओबीसी वर्ग से केवल 14 बन रहे हैं। समिति ने चेतावनी दी कि यदि मानसून सत्र में 93वां संशोधन लागू नहीं हुआ, तो उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
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मानसून सत्र में नहीं हुआ तो समिति करेगी आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति ने मांग की है कि प्रदेश सरकार मानसून सत्र में 93वां संविधान संशोधन लागू करे। समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी, महासचिव कैप्टन अमरीक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फ्लाइंग ऑफिसर पूर्ण देव व सचिव पूर्व सैनिक सुभाष कौंडल ने संयुक्त बयान में कहा कि जब प्रदेश के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में 103वां संशोधन लागू हो सकता है, तो 93वां क्यों नहीं। संविधान की मूल भावना समानता है, लेकिन प्रदेश की आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ी 48 जातियों को आरक्षण से वंचित रखा गया है। नतीजतन हर साल 6 मेडिकल कॉलेजों में सामान्य वर्ग से 57 डॉक्टर बन रहे हैं, जबकि ओबीसी वर्ग से केवल 14 बन रहे हैं। समिति ने चेतावनी दी कि यदि मानसून सत्र में 93वां संशोधन लागू नहीं हुआ, तो उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।