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Una News: आशियाना बनाना हुआ और महंगा, सीमेंट के दाम 15 रुपये बढ़े
Tue, 07 Apr 2026 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:27 AM IST
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अंब, गगरेट (ऊना)। बढ़ती महंगाई के साथ अब घर निर्माण की वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी हो गई है। सीमेंट, सरिया और चादर के दाम बढ़े हैं। अब सीमेंट के दाम 15 रुपये प्रति बोरी बढ़ गए हैं। पहले जो सीमेंट की बोरी 375 में मिलती थी, अब वही बोरी 390 रुपये तक मिल रही है। वहीं सरिया पहले 5700 रुपये प्रति क्विंटल था। अब 6000 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। वहीं छतों पर डालने वाली चादर के दामों में भी 15 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं रेत अभी 20 रुपये फीट है व बजरी भी 14 से 15 रुपये प्रति फीट के हिसाब से मिल रही है। यदि इसी तरह निर्माण सामग्री के दाम बढ़ते रहे तो सस्ते आशियाने का सपना पूरा करना दुर्लभ हो जाएगा।
उधर सीमेंट व सरिया विक्रेता विपुल के अनुसार भवन निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हुई है। अभी और बढ़त की उम्मीद है। ऐसे में भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में अचानक आई तेजी ने घर बनाने का सपना देख रहे लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। बाजार से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माण क्षेत्र में सबसे जरूरी माने जाने वाले सीमेंट के दामों में प्रति बैग 15 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह सरिये की कीमतों में भी अलग-अलग ब्रांड के आधार पर चार से पांच रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। निर्माण सामग्री के साथ-साथ ईंटों की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। कोयले के दामों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर ईंट भट्ठा उद्योग पर पड़ा है जिससे ईंटों की लागत बढ़ गई है। जानकारों का मानना है कि कच्चे माल और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले दिनों में निर्माण कार्य की कुल लागत में और भी इजाफा हो सकता है।
घरेलू निर्माण की सामग्री के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो गरीब आदमी का अपना आशियाना बनाने का सपना अधूरा ही रह जाएगा। सरकार निर्माण सामग्री के दाम कम करे।
- तरसेम लाल, गगरेट
निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से सभी कार्यों में कमी आने की संभावना बनी हुई है। सीमेंट और सरिया के दामों में बढ़ोतरी सभी वर्गों के लिए चिंता का विषय है।
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- संजीव पराशर, ठेकेदार
प्रदेश सरकार टैक्स पर टैक्स लगा कर हिमाचल की जनता को परेशान कर रही है। सभी वस्तुओं के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। रोजगार के साधन सीमित हो रहे हैं व खर्चे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार को महंगाई को रोकने के लिए कोई ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है।
- संजीव चड्डा, दियोली
..........
निर्माण सामग्री के दाम जिस तरह अचानक बढ़े हैं, उससे चल रहे प्रोजेक्ट्स का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। सीमेंट और सरिये की बढ़ती कीमतों के कारण अब तय समय और लागत में काम पूरा करना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सुरेंद्र चौधरी, निवासी अंब
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मध्य वर्गीय व्यक्ति के लिए अपना घर बनाना अब मुश्किल होता जा रहा है। ईंट और सीमेंट जैसी बुनियादी चीजों के दाम बढ़ने से हमें अपने घर का निर्माण कार्य बीच में ही रोकना पड़ सकता है।
- अनिल कुमार, पूर्व उपप्रधान राजपुर जस्वां
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बाक्स
आइटम पहले आज
अंबुजा सीमेंट बैग 370 385
बांगड़ सीमेंट बैग 360 375
एसीसी सीमेंट बैग 375 390
अल्ट्राटेक सीमेंट बैग 365 380
ईंट प्रति हजार 7000 8000
सरिया प्रति किलो 58 59.50
रेत प्रति फीट 18 रुपये
बजरी प्रति फीट 17 रुपये
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उधर सीमेंट व सरिया विक्रेता विपुल के अनुसार भवन निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हुई है। अभी और बढ़त की उम्मीद है। ऐसे में भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में अचानक आई तेजी ने घर बनाने का सपना देख रहे लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। बाजार से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माण क्षेत्र में सबसे जरूरी माने जाने वाले सीमेंट के दामों में प्रति बैग 15 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह सरिये की कीमतों में भी अलग-अलग ब्रांड के आधार पर चार से पांच रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। निर्माण सामग्री के साथ-साथ ईंटों की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। कोयले के दामों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर ईंट भट्ठा उद्योग पर पड़ा है जिससे ईंटों की लागत बढ़ गई है। जानकारों का मानना है कि कच्चे माल और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले दिनों में निर्माण कार्य की कुल लागत में और भी इजाफा हो सकता है।
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घरेलू निर्माण की सामग्री के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो गरीब आदमी का अपना आशियाना बनाने का सपना अधूरा ही रह जाएगा। सरकार निर्माण सामग्री के दाम कम करे।
- तरसेम लाल, गगरेट
निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से सभी कार्यों में कमी आने की संभावना बनी हुई है। सीमेंट और सरिया के दामों में बढ़ोतरी सभी वर्गों के लिए चिंता का विषय है।
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- संजीव पराशर, ठेकेदार
प्रदेश सरकार टैक्स पर टैक्स लगा कर हिमाचल की जनता को परेशान कर रही है। सभी वस्तुओं के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। रोजगार के साधन सीमित हो रहे हैं व खर्चे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार को महंगाई को रोकने के लिए कोई ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है।
- संजीव चड्डा, दियोली
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निर्माण सामग्री के दाम जिस तरह अचानक बढ़े हैं, उससे चल रहे प्रोजेक्ट्स का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। सीमेंट और सरिये की बढ़ती कीमतों के कारण अब तय समय और लागत में काम पूरा करना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सुरेंद्र चौधरी, निवासी अंब
मध्य वर्गीय व्यक्ति के लिए अपना घर बनाना अब मुश्किल होता जा रहा है। ईंट और सीमेंट जैसी बुनियादी चीजों के दाम बढ़ने से हमें अपने घर का निर्माण कार्य बीच में ही रोकना पड़ सकता है।
- अनिल कुमार, पूर्व उपप्रधान राजपुर जस्वां
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आइटम पहले आज
अंबुजा सीमेंट बैग 370 385
बांगड़ सीमेंट बैग 360 375
एसीसी सीमेंट बैग 375 390
अल्ट्राटेक सीमेंट बैग 365 380
ईंट प्रति हजार 7000 8000
सरिया प्रति किलो 58 59.50
रेत प्रति फीट 18 रुपये
बजरी प्रति फीट 17 रुपये