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चुरूडू में जड़ी बूटी भंडारण केंद्र बनकर तैयार, उद्घाटन का इंतजार

Tue, 31 May 2022 08:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2022 08:57 PM IST
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Herbal storage center built in Churudu, awaiting inauguration
चुरूडू में बन कर तैयार आयुर्वेद विभाग का जड़ी बूटी संग्रहण केंद्र। -संवाद - फोटो : Una
संवाद न्यूज एजेंसी
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ऊना। जिले के चुरूडू में जड़ी-बूटी भंडारण केंद्र बनकर तैयार हो गया है। इस केंद्र के जरिये औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा मिलेगा। आयुष विभाग इस केंद्र को किसानों के लिए शुरू करने की रूपरेखा तैयार करने में जुट गया है। केंद्र के शुरू होने से जिला भर में करीब 75 हेक्टेयर भूमि पर औषधीय पौधों की खेती करने वाले सैकड़ों किसानों को लाभ मिलेगा।
मनुष्य की जीवन शैली में औषधीय पौधों का प्रयोग और प्रचलन बढ़ने के चलते अब किसान परंपरागत खेती के अलावा औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं। इन किसानों को अपने औषधीय पौधों को बेचने के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए आयुष विभाग ने करीब 10 लाख रुपये की लागत से चुरूड़ू में जड़ी बूटी संग्रहण केंद्र का निर्माण किया गया है। मौजूदा समय में यह केंद्र पूरी तरह से बनकर तैयार है। इस भंडारण केंद्र में विभिन्न जड़ी-बूटियों आदि को स्टोर कर रखा जा सकेगा।
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इसके अलावा इन उत्पादों की खरीद करने वाली कंपनियां भी कच्चा माल इस केंद्र से खरीद सकेंगी। इस भंडारण केंद्र में गिलोय, एलोवेरा, शतावर, सर्पगंधा, नीम, आंवला, अश्वगंधा सहित अन्य औषधीय जड़ी-बूटी खरीदने की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आनंदी शैली ने बताया कि जड़ी-बूटी भंडारण केंद्र को विभाग से निर्देश मिलते ही शुरू कर दिया जाएगा।
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क्लस्टर बनाकर की जा रही औषधीय पौधों की खेती
इस समय जिले में लगभग 75 हेक्टेयर भूमि पर औषधीय पौधों की खेती की जा रही है। इस खेती को बढ़ाने के लिए जिले में विभिन्न क्लस्टर बनाकर औषधीय पौधों की खेती की जा रही है। जिला में तैयार हुए औषधीय उत्पादों को जड़ी बूटी भंडारण केंद्र में मार्केट में चल रहे दाम के हिसाब से खरीदा और बेचा जाएगा। इससे किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।
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