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चिंतपूर्णी मंदिर की लिफ्ट में फंसे चार लोग
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माता चिंतपूर्णी मंदिर में लिफ्ट फंसने की जानकारी देते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Una
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भरवाईं (ऊना)। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में बेहतर सुविधाओं के दावे करने वाले मंदिर प्रशासन की पोल उस समय खुल गई, जब बुधवार को दर्शन करके लौट रहे बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग करीब बीस मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।
होमगार्ड ने श्रद्धालुओं को लिफ्ट से निकालने के लिए इधर-उधर फोन घुमाए लेकिन बीस मिनट तक न कोई इलेक्ट्रिशियन या कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस दौरान लिफ्ट के अंदर बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सांस में सांस अटकी रही। बीस मिनट के बाद भक्तों को लिफ्ट से निकाला गया। बुधवार दोपहर एक बजे के करीब पंजाब के मोगा जिले से आए बुजुर्ग श्रद्धालु अशोक कुमार दिव्यांग पत्नी और ड्राइवर के साथ चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करके मंदिर की लिफ्ट से वापस आने लगे।
इस दौरान चलती हुई लिफ्ट अचानक रुक गई। इससे श्रद्धालु घबरा गए। जब लिफ्ट पांच मिनट से ज्यादा समय के बाद भी नहीं खुली तो श्रद्धालु लिफ्ट के दरवाजे को जोर से खटखटाने लगे। लिफ्ट के बाहर खड़े होमगार्ड ने फोन करके मंदिर प्रशासन को जानकारी दी। इसके बावजूद काफी देर तक लिफ्ट खोलने के लिए कोई नहीं आया।
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लिफ्ट में लगे फोन नंबर पर नहीं हुआ संपर्क
श्रद्धालुओं ने लिफ्ट के अंदर लिखे हुए फोन नंबर पर भी संपर्क किया लेकिन उन पर संपर्क नहीं हो पाया। बीस मिनट बाद पीसी इंचार्ज सरदार पूर्ण सिंह और मंदिर न्यास के इलेक्ट्रिशियन ने लिफ्ट का लॉक खोलकर श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। इस मामले से कार्यकारी मंदिर अधिकारी रोहित जालटा पूरी तरह अनजान दिखे। उन्होंने बताया कि लिफ्ट में बुजुर्ग श्रद्धालुओं के फंसने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि चिंतपूर्णी मंदिर में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को लिफ्ट के जरिए मंदिर दर्शनों को भेजने की सुविधा दी जाती है।
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होमगार्ड ने श्रद्धालुओं को लिफ्ट से निकालने के लिए इधर-उधर फोन घुमाए लेकिन बीस मिनट तक न कोई इलेक्ट्रिशियन या कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस दौरान लिफ्ट के अंदर बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सांस में सांस अटकी रही। बीस मिनट के बाद भक्तों को लिफ्ट से निकाला गया। बुधवार दोपहर एक बजे के करीब पंजाब के मोगा जिले से आए बुजुर्ग श्रद्धालु अशोक कुमार दिव्यांग पत्नी और ड्राइवर के साथ चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करके मंदिर की लिफ्ट से वापस आने लगे।
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इस दौरान चलती हुई लिफ्ट अचानक रुक गई। इससे श्रद्धालु घबरा गए। जब लिफ्ट पांच मिनट से ज्यादा समय के बाद भी नहीं खुली तो श्रद्धालु लिफ्ट के दरवाजे को जोर से खटखटाने लगे। लिफ्ट के बाहर खड़े होमगार्ड ने फोन करके मंदिर प्रशासन को जानकारी दी। इसके बावजूद काफी देर तक लिफ्ट खोलने के लिए कोई नहीं आया।
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लिफ्ट में लगे फोन नंबर पर नहीं हुआ संपर्क
श्रद्धालुओं ने लिफ्ट के अंदर लिखे हुए फोन नंबर पर भी संपर्क किया लेकिन उन पर संपर्क नहीं हो पाया। बीस मिनट बाद पीसी इंचार्ज सरदार पूर्ण सिंह और मंदिर न्यास के इलेक्ट्रिशियन ने लिफ्ट का लॉक खोलकर श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। इस मामले से कार्यकारी मंदिर अधिकारी रोहित जालटा पूरी तरह अनजान दिखे। उन्होंने बताया कि लिफ्ट में बुजुर्ग श्रद्धालुओं के फंसने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि चिंतपूर्णी मंदिर में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को लिफ्ट के जरिए मंदिर दर्शनों को भेजने की सुविधा दी जाती है।