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Una News: किसानों ने रोकी गेहूं की कटाई, थ्रेसिंग पर दिया जोर
Fri, 17 Apr 2026 12:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:01 AM IST
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जोल क्षेत्र में गेंहू की कुतराई कार्य करते किसान।संवाद
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चकसराय (ऊना)। जिला ऊना की उपतहसील जोल क्षेत्र में बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आसमान में छाए बादलों के चलते किसानों ने गेहूं की कटाई का कार्य फिलहाल रोक दिया है और पहले से कटी फसल की थ्रेसिंग में जुट गए हैं ताकि संभावित बारिश से नुकसान से बचा जा सके।
स्थानीय किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों में बड़े स्तर पर गेहूं की कटाई की गई है। ऐसे में अब प्राथमिकता कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान बारिश हो जाती है तो खेतों में पड़ी फसल खराब हो सकती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खड़ोल, तलमेहड़ा और जोल क्षेत्र के अन्य गांवों में भी किसान तेजी से थ्रेसिंग कार्य में जुटे हुए हैं। हर कोई मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए एहतियात बरत रहा है ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।
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किसान बर्जेश कुमार ने बताया कि सुबह के समय आसमान में घने बादल छाए रहते हैं, जिससे बारिश की आशंका बनी रहती है। हालांकि दोपहर तक मौसम साफ हो जाता है, जिससे कुछ राहत मिलती है लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
वहीं रमेश चंद का कहना है कि फसल इस समय पूरी तरह तैयार है और हल्की बारिश भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि समझदारी इसी में है कि पहले से कटी फसल को पहले सुरक्षित कर लिया जाए और मौसम साफ रहने पर ही आगे की कटाई शुरू की जाए। वीरवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बनी रही। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ होने पर कुछ राहत मिली। इसके बावजूद किसान मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पूरी सतर्कता के साथ कृषि कार्य कर रहे हैं।
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स्थानीय किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों में बड़े स्तर पर गेहूं की कटाई की गई है। ऐसे में अब प्राथमिकता कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान बारिश हो जाती है तो खेतों में पड़ी फसल खराब हो सकती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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खड़ोल, तलमेहड़ा और जोल क्षेत्र के अन्य गांवों में भी किसान तेजी से थ्रेसिंग कार्य में जुटे हुए हैं। हर कोई मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए एहतियात बरत रहा है ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।
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किसान बर्जेश कुमार ने बताया कि सुबह के समय आसमान में घने बादल छाए रहते हैं, जिससे बारिश की आशंका बनी रहती है। हालांकि दोपहर तक मौसम साफ हो जाता है, जिससे कुछ राहत मिलती है लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
वहीं रमेश चंद का कहना है कि फसल इस समय पूरी तरह तैयार है और हल्की बारिश भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि समझदारी इसी में है कि पहले से कटी फसल को पहले सुरक्षित कर लिया जाए और मौसम साफ रहने पर ही आगे की कटाई शुरू की जाए। वीरवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बनी रही। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ होने पर कुछ राहत मिली। इसके बावजूद किसान मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पूरी सतर्कता के साथ कृषि कार्य कर रहे हैं।