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लालसिंगी में किसानों का पिछले 37 साल से शोषण हो रहा : बलबीर

Sat, 22 Nov 2025 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sat, 22 Nov 2025 12:30 AM IST
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Farmers in Lalsingi have been exploited for the last 37 years: Balbir
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी ने शुक्रवार सुबह 11:30 बजे विश्राम गृह ऊना में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि किसानों व बेरोजगारों का शोषण करने के लिए भाजपा, कांग्रेस दोनों दल जिम्मेदार हैं। किसानों को उनके संवैधानिक अधिकार दिलवाने के लिए हाईकोर्ट ने महाल लालसिंगी के बंदोबस्त पर रोक लगा दी है। महाल लालसिंगी में किसानों का पिछले 37 साल से शोषण हो रहा है। थक-हारकर किसानों ने हाईकोर्ट का रुख किया। महाल लालसिंगी में वित्तायुक्त एवं सचिव राजस्व हिमाचल प्रदेश के आदेशों का पालन नहीं किया गया। वित्तायुक्त एवं सचिव राजस्व हिमाचल प्रदेश ने 2008 में आदेश दिया कि महाल लालसिंगी में मौका कब्जे को आधार मानकर बंदोबस्त किया जाए, क्योंकि यहां का साविका लट्ठा क्षतिग्रस्त हो चुका है तथा मुसाबी एवं मोमी तहसील व जिला कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। दुर्भाग्यवश राजस्व विभाग ने कब्जा मौका को आधार मानकर बंदोबस्त नहीं किया है। इससे भूमि विवाद पैदा हो चुका है। बंदोबस्त विभाग ने किसानों का खरीदा हुआ रकबा भी काट दिया है। नियमों के अनुसार राजस्व विभाग को किसानों द्वारा खरीदा गया रकबा पूरा करना था। इस प्रकार महाल लालसिंगी में पिछले 37 साल से किसानों का शोषण जारी है।
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शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को उनके संवैधानिक अधिकार दिलवाने के लिए हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में चल रही बैकडोर भर्ती पर छह साल पहले रोक लगा दी थी। बैकडोर भर्ती पर रोक लगने से 14000 बेरोजगारों एवं प्रतिभाशाली युवाओं को पक्की नौकरी मिल चुकी है। सरकारी स्कूलों में पिछले छह साल से पक्के नर्सरी शिक्षक उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे। आम जनता को अपने दो बच्चों की पढ़ाई पर निजी स्कूलों में 50000 रुपये सालाना खर्च करने पड़ रहे हैं। यदि सरकारी स्कूलों में पक्के नर्सरी शिक्षक उपलब्ध करवा दिए जाते तो हर गरीब परिवार को बचत हो जाएगी।
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