{"_id":"670994b2970e2faeb4069914","slug":"education-department-invites-applications-for-hp-children-science-congress-una-news-c-93-1-una1002-135389-2024-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: एचपी चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के लिए शिक्षा विभाग ने मांगे आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: एचपी चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के लिए शिक्षा विभाग ने मांगे आवेदन
Sat, 12 Oct 2024 02:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 12 Oct 2024 02:42 AM IST
विज्ञापन
ऊना। शिक्षा विभाग ने जिला के स्कूलों को एचपी चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस 2024 प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। यह पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से 16 अक्तूबर तक होंगे। इसमें विज्ञान और गणित में प्रतिभा रखने वाले बच्चों को प्रतिभागी बनने का मौका मिलेगा।
विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि उक्त विषयों में प्रतिभा रखने वाले बच्चों के समय रहते पंजीकरण करने और उनका सही व्हाट्सएप नंबर भी साझा करें। जानकारी के अनुसार चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का ऑनलाइन पोर्टल 16 अक्तूबर तक खुला रहेगा। इसी समयावधि में आवेदन होंगे। प्रतियोगिता में चार तरह के गतिविधियां होंगी, जिसमें तीन खंड स्तर पर और एक जिला स्तर पर होगी। प्रतियोगिताओं में साइंस क्विज, मैथमेटिक्स ओलंपियाड, इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता खंड स्तर पर होगी। वहीं, साइंस स्किट जिला स्तर पर आयोजित होगी। साइंस क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली एक टीम में दो छात्र शामिल होंगे। यह तीन वर्गों में होगी, जिसमें जूनियर छठी से आठवीं, सीनियर नौवीं से दसवीं और सीनियर सेकेंडरी 11वीं और 12वीं के बच्चों की रहेगी।
इसी तरह मैथ ओलंपियाड में एक स्कूल से एक बच्चा हिस्सा ले सकता है। इसमें भी तीन वर्ग होंगे। इसमें लिखित परीक्षा होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल होंगे। अधिकतर सवाल स्कूली किताबों से ही होंगे। इसी तरह इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता में छठी से आठवीं और नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों में होगी। इस बार साइंस मॉडल की थीम इनोवेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी रहेगी। खंड स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। साइंस स्किट में जिला स्तर पर नौवीं से 12वीं तक एक ही वर्ग होगा। बता दें कि खंड स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताएं 21 से 22 अक्तूबर को होंगी, जिनके नतीजे 26 अक्तूबर को आएंगे। वहीं, जिला स्तर की प्रतियोगिता आठ नवंबर को होगी, जिसके नतीजे नौ नवंबर को आएंगे। राज्य स्तर की प्रतियोगिता 13 और 14 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने बताया कि सभी स्कूलों के लिए प्रतियोगिता में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी
विज्ञापन
विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि उक्त विषयों में प्रतिभा रखने वाले बच्चों के समय रहते पंजीकरण करने और उनका सही व्हाट्सएप नंबर भी साझा करें। जानकारी के अनुसार चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का ऑनलाइन पोर्टल 16 अक्तूबर तक खुला रहेगा। इसी समयावधि में आवेदन होंगे। प्रतियोगिता में चार तरह के गतिविधियां होंगी, जिसमें तीन खंड स्तर पर और एक जिला स्तर पर होगी। प्रतियोगिताओं में साइंस क्विज, मैथमेटिक्स ओलंपियाड, इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता खंड स्तर पर होगी। वहीं, साइंस स्किट जिला स्तर पर आयोजित होगी। साइंस क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली एक टीम में दो छात्र शामिल होंगे। यह तीन वर्गों में होगी, जिसमें जूनियर छठी से आठवीं, सीनियर नौवीं से दसवीं और सीनियर सेकेंडरी 11वीं और 12वीं के बच्चों की रहेगी।
विज्ञापन
इसी तरह मैथ ओलंपियाड में एक स्कूल से एक बच्चा हिस्सा ले सकता है। इसमें भी तीन वर्ग होंगे। इसमें लिखित परीक्षा होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल होंगे। अधिकतर सवाल स्कूली किताबों से ही होंगे। इसी तरह इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता में छठी से आठवीं और नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों में होगी। इस बार साइंस मॉडल की थीम इनोवेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी रहेगी। खंड स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। साइंस स्किट में जिला स्तर पर नौवीं से 12वीं तक एक ही वर्ग होगा। बता दें कि खंड स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताएं 21 से 22 अक्तूबर को होंगी, जिनके नतीजे 26 अक्तूबर को आएंगे। वहीं, जिला स्तर की प्रतियोगिता आठ नवंबर को होगी, जिसके नतीजे नौ नवंबर को आएंगे। राज्य स्तर की प्रतियोगिता 13 और 14 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने बताया कि सभी स्कूलों के लिए प्रतियोगिता में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी