{"_id":"62bb3edb9caeb61dbb6f401c","slug":"e-office-system-implemented-in-deputy-commissioner-s-office-una-news-sml413571793","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपायुक्त कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू, नहीं लगेगा फाइल का ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपायुक्त कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू, नहीं लगेगा फाइल का ढेर
विज्ञापन
ऊना में ई ऑफिस प्रणाली के तहत दस्तावेजों को निपटाते उपायुक्त राघव शर्मा। संवाद
- फोटो : Una
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राकेश राणा
ऊना। उपायुक्त समेत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अब अधिकारियों के टेबल पर फाइलों का ढेर नहीं लगेगा। कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो गई है। अब चुटकियों में बिना कोई डाक भेजे उपायुक्त से भी कार्यों की स्वीकृति मिल पाएगी। पहले डाक से दस्तावेज भेजने के बाद कई दिन स्वीकृति को लग जाते थे।
पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी ई-ऑफिस प्रणाली महत्वपूर्ण है। शुरूआती दौर में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। इसी के साथ ऊना एसडीएम कार्यालय को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। चरणबद्ध तरीके से अन्य एसडीएम कार्यालय से लेकर तहसील स्तर इस प्रणाली में जुड़ेंगे। इस तरह पूरी प्रणाली एकीकृत होगी। इस तरह तहसील स्तर के दस्तावेज स्कैन होकर एसडीएम के पास चुटकियों में पहुंचेंगे।
यहां टिप्पणी के बाद मामला तुरंत सर्वर के जरिये उपायुक्त के पास पहुंच जाएगा। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद तुरंत वापस दस्तावेज ई-ऑफिस के जरिए भेज दिए जाएंगे। उपायुक्त या किसी अन्य अधिकारी के टूअर पर होने के बावजूद वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) के जरिये भी इस प्रणाली को एक्सेस किया जा सकेगा। कार्यालय से बाहर होने पर अधिकारी अपनी स्वीकृति दे पाएंगे।
विज्ञापन
इस प्रणाली को लेकर उपायुक्त कार्यालय में संबंधित अधिकारियों को लॉग इन आइडी और प्रशिक्षण दिया जा चुका है। खास बात है कि सर्वर में डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा और किसी भी समय इसे चेक किया जा सकेगा। दस्तावेज खराब होने, जलने या नुकसान पहुंचने का भी खतरा नहीं होगा। संवाद
जून माह में 248 फाइलें ई-ऑफिस में अपलोड की गई हैै। इस प्रणाली को प्रभावी तौर से अपनाया जा रहा है।
-राघव शर्मा, उपायुक्त
धोखाधड़ी पर भी कसेगा शिकंजा
ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फर्जी तरीके से हस्ताक्षर या अन्य स्वीकृति पर भी शिकंजा कसेगा। इस पूरी प्रणाली में ई-सिग्नेचर का प्रावधान रहेगा। फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने पर तुरंत पता चल जाएगा। सर्वर में हस्ताक्षर का समय और दिनांक दोनों की जानकारी रहेगी। फर्जी होने पर यह मैच नहीं हो पाएगा।
कोर्ट, मैप संबंधी मामले कागजों पर
कोर्ट संबंधी मामले पहले की तरह कागजों पर ही चलेंगे। इसके अलावा मैप संबंधी मामले भी कागजों पर भी होंगे। इन दोनों मामलों के अलावा अन्य सभी तरह के नए दस्तावेज स्कैन कर ई-ऑफिस में अपलोड किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
ऊना। उपायुक्त समेत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अब अधिकारियों के टेबल पर फाइलों का ढेर नहीं लगेगा। कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो गई है। अब चुटकियों में बिना कोई डाक भेजे उपायुक्त से भी कार्यों की स्वीकृति मिल पाएगी। पहले डाक से दस्तावेज भेजने के बाद कई दिन स्वीकृति को लग जाते थे।
पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी ई-ऑफिस प्रणाली महत्वपूर्ण है। शुरूआती दौर में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। इसी के साथ ऊना एसडीएम कार्यालय को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। चरणबद्ध तरीके से अन्य एसडीएम कार्यालय से लेकर तहसील स्तर इस प्रणाली में जुड़ेंगे। इस तरह पूरी प्रणाली एकीकृत होगी। इस तरह तहसील स्तर के दस्तावेज स्कैन होकर एसडीएम के पास चुटकियों में पहुंचेंगे।
विज्ञापन
यहां टिप्पणी के बाद मामला तुरंत सर्वर के जरिये उपायुक्त के पास पहुंच जाएगा। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद तुरंत वापस दस्तावेज ई-ऑफिस के जरिए भेज दिए जाएंगे। उपायुक्त या किसी अन्य अधिकारी के टूअर पर होने के बावजूद वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) के जरिये भी इस प्रणाली को एक्सेस किया जा सकेगा। कार्यालय से बाहर होने पर अधिकारी अपनी स्वीकृति दे पाएंगे।
विज्ञापन
इस प्रणाली को लेकर उपायुक्त कार्यालय में संबंधित अधिकारियों को लॉग इन आइडी और प्रशिक्षण दिया जा चुका है। खास बात है कि सर्वर में डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा और किसी भी समय इसे चेक किया जा सकेगा। दस्तावेज खराब होने, जलने या नुकसान पहुंचने का भी खतरा नहीं होगा। संवाद
जून माह में 248 फाइलें ई-ऑफिस में अपलोड की गई हैै। इस प्रणाली को प्रभावी तौर से अपनाया जा रहा है।
-राघव शर्मा, उपायुक्त
धोखाधड़ी पर भी कसेगा शिकंजा
ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फर्जी तरीके से हस्ताक्षर या अन्य स्वीकृति पर भी शिकंजा कसेगा। इस पूरी प्रणाली में ई-सिग्नेचर का प्रावधान रहेगा। फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने पर तुरंत पता चल जाएगा। सर्वर में हस्ताक्षर का समय और दिनांक दोनों की जानकारी रहेगी। फर्जी होने पर यह मैच नहीं हो पाएगा।
कोर्ट, मैप संबंधी मामले कागजों पर
कोर्ट संबंधी मामले पहले की तरह कागजों पर ही चलेंगे। इसके अलावा मैप संबंधी मामले भी कागजों पर भी होंगे। इन दोनों मामलों के अलावा अन्य सभी तरह के नए दस्तावेज स्कैन कर ई-ऑफिस में अपलोड किए जा रहे हैं।