नए अपग्रेड स्कूलों में जल्द हो डीपीई की तैनाती
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डीपीई एसोसिएशन ने सभी डीपीई को एकमुश्त छूट देकर पीजीटी शारीरिक शिक्षा का पदनाम देने तथा वेतन में असमानता और विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। एसोसिएशन के महासचिव राजिंद्र बैंस ने नए अपग्रेड स्कूलों में डीपीई की तैनाती न करने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विभाग पर शारीरिक शिक्षा विषय को समाप्त करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के महासचिव राजिंद्र बैंस ने कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों के आधार पर एमए, एमपी और शारीरिक शिक्षा करने वालों को प्रवक्ता पदनाम देना शुरू कर दिया है, जिसमें केवल दो सौ को ही लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों में तैनात 1300 से अधिक डीपीई को इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने सभी डीपीई को लाभ और समान काम समान वेतन देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नए अपग्रेड स्कूलों में डीपीई का पद सृजित नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर तो सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है, वहीं डीपीई का पद समाप्त कर अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षा का पद जरूरी बनाकर नए अपग्रेड स्कूलों में डीपीई पद सृजित किया जाए। नए अपग्रेड स्कूलों में विषय को लेकर अनुपात बना दिया गया है कि शारीरिक विषय का चुनाव नहीं हो सकता। नए स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी और आईपी विषय अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में दो विषयों के चुनाव की स्थिति में शारीरिक शिक्षा का आना असंभव है। संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उद्योगमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री से उपरोक्त मांगों को पूरा करने की मांग की है। वहीं, एसोसिएशन के अजय कटारिया, विनोद कुमार, भीष्म पाल, अश्वनी, अमरजीत, अरुण कुमार, कुल यशराय, वशिष्ठ कुमार, दर्शन कुमार, धीरज कुमार, राज कुमार, मंजीत, राजेश कुमार, अनिल कुमार, नरेंद्र कुमार, रमेश्वर आदि ने मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है।