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डरे नहीं, समाज में हर चुनौती का सामना करें छात्राएं : कृति
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कहा, यौन शोषण, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा के खिलाफ उठानी होगी आवाज
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। छात्राओं को यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल करके किसी भी प्रकार की मदद ले सकते हैं। समाज में लड़कियों के साथ आए दिन घटनाएं घटित हो रही हैं। इसके पीछे मुख्य कारण इन घटनाओं की पीड़िताएं आवाज नहीं उठाती हैं। इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक उत्कृष्ट पाठशाला संतोषगढ़ में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में रोजगार कार्यालय ऊना से काउंसलर कृति भारद्वाज ने ये बातें कहीं। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर छात्रों को शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने छात्राओं को यौन शोषण, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा व महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि उनके साथ किसी भी तरह की घटना घटित हो रही है तो उसे सहन न करें और डरे नहीं, अपनी इच्छा शक्ति को बढ़ाएं और जो भी समस्याएं पेश आ रही हैं उनका सामना करने के लिए खुद को जागरूक करें। अपने आप को मानसिक तौर पर मजबूत करें। सही वक्त पर आवाज उठाएंगे तो अपने आप ही महिलाओं के साथ रोजाना घटित होने वाली घटनाएं भी कम होंगी। जिंदगी अपने दम पर जीने के लिए सबसे पहले मानसिक तौर पर मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले महिलाओं को अपनी आदत बदलनी होगी और समाज के प्रति अपना नजरिया भी बदलना होगा। यह तभी संभव है, जब महिलाएं अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए आवाज बुलंद करेंगी। आज का दौर सोशल मीडिया का है। इसका चलन भी महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने खुद की शक्ति को पहचान कर समाज में एक सख्त महिला की भूमिका अदा करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यकारी प्रधानाचार्य कविता कुमारी ने कहा कि इच्छा शक्ति को मजबूत करना है। बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षित होकर ही महिलाएं सशक्त बन सकती है। अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम से बच्चों में एक नई सोच पैदा हुई है जो आगे चलकर इस तरह के कार्यक्रम से नए परिवर्तन समाज में लाने के लिए सार्थक सिद्ध होंगे।
बाक्स
प्रिय सोनी का कहना है कि अमर उजाला के कार्यक्रम में सकारात्मक सोच के साथ बात करने की प्रेरणा मिली है। पॉजिटिव सोच से बातों का आदान-प्रदान भी वैसे ही होगा।
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बाक्स
अर्चना कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। आदत को सुधारने और खुद को आर्थिक तौर से सशक्त बनाना है।
बाक्स
शीतला कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में यौन शोषण के बारे में जागरूक किया गया और महिला सशक्तीकरण के बारे में भी जानकारी दी गई।
बाक्स
डिंपल कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में आर्थिक, मानसिक तौर पर कैसे मजबूत बनना है, इस बारे में जागरूक किया गया। समाज में महिलाओं के साथ जो घटनाएं घटित हो रही हैं, उसका एकजुट होकर ही सामना करके समाधान किया जा सकता है।
बाक्स
सिमरन राणा ने कहा कि बिना डरे समाज में हर चुनौती का सामना करना चाहिए। मन में जो भी बात है, उसे बेझिझक कहना चाहिए। किसी भी दबाव में आकर काम नहीं करना चाहिए।
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। छात्राओं को यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल करके किसी भी प्रकार की मदद ले सकते हैं। समाज में लड़कियों के साथ आए दिन घटनाएं घटित हो रही हैं। इसके पीछे मुख्य कारण इन घटनाओं की पीड़िताएं आवाज नहीं उठाती हैं। इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक उत्कृष्ट पाठशाला संतोषगढ़ में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में रोजगार कार्यालय ऊना से काउंसलर कृति भारद्वाज ने ये बातें कहीं। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर छात्रों को शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने छात्राओं को यौन शोषण, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा व महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि उनके साथ किसी भी तरह की घटना घटित हो रही है तो उसे सहन न करें और डरे नहीं, अपनी इच्छा शक्ति को बढ़ाएं और जो भी समस्याएं पेश आ रही हैं उनका सामना करने के लिए खुद को जागरूक करें। अपने आप को मानसिक तौर पर मजबूत करें। सही वक्त पर आवाज उठाएंगे तो अपने आप ही महिलाओं के साथ रोजाना घटित होने वाली घटनाएं भी कम होंगी। जिंदगी अपने दम पर जीने के लिए सबसे पहले मानसिक तौर पर मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले महिलाओं को अपनी आदत बदलनी होगी और समाज के प्रति अपना नजरिया भी बदलना होगा। यह तभी संभव है, जब महिलाएं अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए आवाज बुलंद करेंगी। आज का दौर सोशल मीडिया का है। इसका चलन भी महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने खुद की शक्ति को पहचान कर समाज में एक सख्त महिला की भूमिका अदा करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यकारी प्रधानाचार्य कविता कुमारी ने कहा कि इच्छा शक्ति को मजबूत करना है। बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षित होकर ही महिलाएं सशक्त बन सकती है। अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम से बच्चों में एक नई सोच पैदा हुई है जो आगे चलकर इस तरह के कार्यक्रम से नए परिवर्तन समाज में लाने के लिए सार्थक सिद्ध होंगे।
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प्रिय सोनी का कहना है कि अमर उजाला के कार्यक्रम में सकारात्मक सोच के साथ बात करने की प्रेरणा मिली है। पॉजिटिव सोच से बातों का आदान-प्रदान भी वैसे ही होगा।
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अर्चना कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। आदत को सुधारने और खुद को आर्थिक तौर से सशक्त बनाना है।
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शीतला कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में यौन शोषण के बारे में जागरूक किया गया और महिला सशक्तीकरण के बारे में भी जानकारी दी गई।
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डिंपल कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में आर्थिक, मानसिक तौर पर कैसे मजबूत बनना है, इस बारे में जागरूक किया गया। समाज में महिलाओं के साथ जो घटनाएं घटित हो रही हैं, उसका एकजुट होकर ही सामना करके समाधान किया जा सकता है।
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सिमरन राणा ने कहा कि बिना डरे समाज में हर चुनौती का सामना करना चाहिए। मन में जो भी बात है, उसे बेझिझक कहना चाहिए। किसी भी दबाव में आकर काम नहीं करना चाहिए।