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Una News: चिकित्सकों की हड़ताल, आपातकाल वार्ड में बढ़ी मरीजों की संख्या
Wed, 21 Aug 2024 03:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 21 Aug 2024 03:10 AM IST
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में मंगलवार को भी चिकित्सकों की हड़ताल जारी रही। इस दौरान अस्पताल में आए मरीज ओपीडी के बाहर बैठकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे।
ऐसे में मरीज मायूस होकर घर वापस लौटे। इस दौरान क्षेत्रीय अस्पताल की आपातकाल वार्ड में मरीजों की काफी संख्या देखने को मिली। इस दौरान आपातकाल वार्ड में केवल गंभीर मरीजों का ही उपचार किया गया। मंगलवार को आपातकाल ओपीडी की हालत यह रही कि सभी मरीज आपातकाल ओपीडी में ही जांच करवाने के लिए पहुंच गए। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में उन मरीजों को आपातकाल वार्ड से वापस भेज दिया गया, जो रूटीन चेकअप और रिपोर्ट आदि दिखाने के लिए अस्पताल में पहुंचे थे।
दूसरी तरफ गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को आपातकाल वार्ड में दाखिल कर उनका सुचारू रूप से उपचार किया गया। बता दें कि बीते शनिवार से चिकित्सक ओपीडी में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। ऐसे में मरीजों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में चल रहे डायलिसिस सेंटर भी सुचारू रूप से चलता रहा है। इस सेंटर में रोजाना पांच से सात मरीजों का डायलिसिस होता है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे नेहा शर्मा, जगतार सिंह, राम किश्न, प्रेम पाल, अंश चौधरी, सविता देवी, रामदास आदि ने बताया कि मंगलवार सुबह से अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे हैं। अस्पताल में आकर पता चला है कि आज भी चिकित्सकों की हड़ताल है। अब ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल से वापस लौटना पड़ रहा है।
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कोट्स
मंगलवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल रही है। पश्चिम बंगाल की शर्मनाक घटना के बाद चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए सरकार को सख्त नियम बनाने चाहिएं।
डॉ. विकास चौहान, महासचिव चिकित्सा अधिकारी संघ जिला ऊना
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ऐसे में मरीज मायूस होकर घर वापस लौटे। इस दौरान क्षेत्रीय अस्पताल की आपातकाल वार्ड में मरीजों की काफी संख्या देखने को मिली। इस दौरान आपातकाल वार्ड में केवल गंभीर मरीजों का ही उपचार किया गया। मंगलवार को आपातकाल ओपीडी की हालत यह रही कि सभी मरीज आपातकाल ओपीडी में ही जांच करवाने के लिए पहुंच गए। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में उन मरीजों को आपातकाल वार्ड से वापस भेज दिया गया, जो रूटीन चेकअप और रिपोर्ट आदि दिखाने के लिए अस्पताल में पहुंचे थे।
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दूसरी तरफ गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को आपातकाल वार्ड में दाखिल कर उनका सुचारू रूप से उपचार किया गया। बता दें कि बीते शनिवार से चिकित्सक ओपीडी में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। ऐसे में मरीजों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में चल रहे डायलिसिस सेंटर भी सुचारू रूप से चलता रहा है। इस सेंटर में रोजाना पांच से सात मरीजों का डायलिसिस होता है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे नेहा शर्मा, जगतार सिंह, राम किश्न, प्रेम पाल, अंश चौधरी, सविता देवी, रामदास आदि ने बताया कि मंगलवार सुबह से अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे हैं। अस्पताल में आकर पता चला है कि आज भी चिकित्सकों की हड़ताल है। अब ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल से वापस लौटना पड़ रहा है।
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मंगलवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल रही है। पश्चिम बंगाल की शर्मनाक घटना के बाद चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए सरकार को सख्त नियम बनाने चाहिएं।
डॉ. विकास चौहान, महासचिव चिकित्सा अधिकारी संघ जिला ऊना