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Una News: शहर के कोचिंग संस्थानों में आपदा बचाव व्यवस्थाओं की होगी जांच
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आपातकाल द्वार और राहत बचाव के बंदोबस्त खंगाले जाएंगे
बरसात से पहले कोचिंग संस्थानों में दुरुस्त करवाई जाएंगी व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में बरसात के मौसम में संभावित आपातकाल स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके तहत ऊना शहर व अन्य नगरों में स्थित कोचिंग संस्थानों में व्यवस्थाएं खंगाली जाएंगी। प्रशासन की टीमें निरीक्षण में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े बंदोबस्त का आकलन करेंगे। इसमें आपातकाल द्वार, बेसमेंट में चल रही कक्षाओं के बारे पता लगाया जाएगा। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने सभी उपमंडल अधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था व बेसमेंट के सुरक्षित उपयोग पर ध्यान को कहा हैं। नियमों का पालन न करने पर कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार साल 2024 जून माह में दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित एक बेसमेंट में संचालित हो रही कोचिंग संस्थान की कक्षाओं में पानी घुसने से तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने सभी का ध्यान कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जरूरत की ओर खींचा। बीते वर्ष भी जिला के कोचिंग संस्थानों में व्यवस्थाएं खंगाली गई। इस दौरान आपातकाल द्वार और वैकल्पिक रास्ते सहित कई कमियां पाई गई। जिन्हें सुधारने के आदेश भी दिए गए। इस कड़ी में जिला प्रशासन अब प्रक्रिया को दोहराएगा। बता दें कि जिला में कई बड़े कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए मेहनत करते हैं।
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उपायुक्त ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला मुख्यालय पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया, जिसका टोल फ्री नंबर 1077 है। उन्होंने उपमंडल अधिकारियों को मानसून सीजन के दौरान उपमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। यह आपात संचालन केंद्र सातों दिन चौबीसों घंटे क्रियाशील रहेंगे।
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बरसात से पहले कोचिंग संस्थानों में दुरुस्त करवाई जाएंगी व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में बरसात के मौसम में संभावित आपातकाल स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके तहत ऊना शहर व अन्य नगरों में स्थित कोचिंग संस्थानों में व्यवस्थाएं खंगाली जाएंगी। प्रशासन की टीमें निरीक्षण में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े बंदोबस्त का आकलन करेंगे। इसमें आपातकाल द्वार, बेसमेंट में चल रही कक्षाओं के बारे पता लगाया जाएगा। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने सभी उपमंडल अधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था व बेसमेंट के सुरक्षित उपयोग पर ध्यान को कहा हैं। नियमों का पालन न करने पर कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार साल 2024 जून माह में दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित एक बेसमेंट में संचालित हो रही कोचिंग संस्थान की कक्षाओं में पानी घुसने से तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने सभी का ध्यान कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जरूरत की ओर खींचा। बीते वर्ष भी जिला के कोचिंग संस्थानों में व्यवस्थाएं खंगाली गई। इस दौरान आपातकाल द्वार और वैकल्पिक रास्ते सहित कई कमियां पाई गई। जिन्हें सुधारने के आदेश भी दिए गए। इस कड़ी में जिला प्रशासन अब प्रक्रिया को दोहराएगा। बता दें कि जिला में कई बड़े कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए मेहनत करते हैं।
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उपायुक्त ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला मुख्यालय पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया, जिसका टोल फ्री नंबर 1077 है। उन्होंने उपमंडल अधिकारियों को मानसून सीजन के दौरान उपमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। यह आपात संचालन केंद्र सातों दिन चौबीसों घंटे क्रियाशील रहेंगे।
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