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Una News: अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने पर निदेशालय ने मांगी रिपोर्ट
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जिन स्कूलों में स्वेच्छा से लागू हुआ ड्रेस कोड, उनकी मांगी जानकारी
सूची में स्कूल और प्रबंधक का नाम भी करना होगा अंकित
निदेशालय ने कहा- रिपोर्ट के साथ नई व्यवस्था के फोटोग्राफ भी भेजें
बीतेे माह विभाग ने अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के दिए थे आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा निदेशालय की ओर से अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड स्वेच्छा के साथ लागू करने वाले स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। स्कूल और वहां के प्रबंधक का नाम और साथ में ड्रेस कोड पहने अध्यापकों की फोटो भेजनी होगी। निदेशालय ने कहा है कि स्कूलों का यह कदम शिक्षा के लिए बेहतर माहौल और अनुशासन बनाए रखने में कारगर होगा। जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशालय की ओर से बीते दिनों सभी सरकारी स्कूलों के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए थे कि विद्यार्थियों की तरह अध्यापकों के लिए भी ड्रेस कोड लागू करने की व्यवस्था की जाए। निदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षक रोल मॉडल होते हैं। शिक्षकों की ड्रेस और व्यवहार का स्कूली बच्चों पर सीधा असर पड़ता है। जिन स्कूलों में ड्रेस कोड लागू हुए हैं, वहां बदलाव देखा गया है। इससे वहां के माहौल में सकारात्मक शैक्षणिक माहौल पैदा हुआ है और अनुशासन बेहतर हुआ। इसलिए ड्रेस कोड को सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू हो गया है। लंबे समय से चल रहे मंथन के बाद आखिर में प्रदेश सरकार ने अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बीते दिनों जारी बयान में कहा कि शिक्षा विभाग ने अध्यापकों के ड्रेस कोड को लेकर एक सर्कुलर जारी किया। कहा कि हमारे समाज में एक विशेष स्थान रखने वाले शिक्षकों को गरिमापूर्ण और सभ्य पोशाक में स्कूल आना चाहिए। इसका हमारे समाज, खासकर छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पूरे राज्य में ड्रेस कोड को सख्ती से लागू नहीं कर रही। बता दें कि जिला के कुछ स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने की सहमति बन चुकी है। इसी के तहत अध्यापकों का स्कूल आना शुरू कर दिया है।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोम लाल धीमान ने बताया कि सभी शिक्षण संस्थान ड्रेस कोड लागू करने की दिशा में स्वेच्छा से कदम उठाएं। कहा कि स्कूलों में बेहतर माहौल के लिए यह अच्छा कदम साबित होगा। सोमलाल धीमान ने बताया कि जिला के कुछ स्कूलों में इसपर फैसला हो चुका है। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को फोटो सहित भेजी जाएगी। जबकि, अन्य स्कूलों में भी ड्रेस कोड लागू करने के प्रयास जारी हैं।
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सूची में स्कूल और प्रबंधक का नाम भी करना होगा अंकित
निदेशालय ने कहा- रिपोर्ट के साथ नई व्यवस्था के फोटोग्राफ भी भेजें
बीतेे माह विभाग ने अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के दिए थे आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा निदेशालय की ओर से अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड स्वेच्छा के साथ लागू करने वाले स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। स्कूल और वहां के प्रबंधक का नाम और साथ में ड्रेस कोड पहने अध्यापकों की फोटो भेजनी होगी। निदेशालय ने कहा है कि स्कूलों का यह कदम शिक्षा के लिए बेहतर माहौल और अनुशासन बनाए रखने में कारगर होगा। जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशालय की ओर से बीते दिनों सभी सरकारी स्कूलों के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए थे कि विद्यार्थियों की तरह अध्यापकों के लिए भी ड्रेस कोड लागू करने की व्यवस्था की जाए। निदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षक रोल मॉडल होते हैं। शिक्षकों की ड्रेस और व्यवहार का स्कूली बच्चों पर सीधा असर पड़ता है। जिन स्कूलों में ड्रेस कोड लागू हुए हैं, वहां बदलाव देखा गया है। इससे वहां के माहौल में सकारात्मक शैक्षणिक माहौल पैदा हुआ है और अनुशासन बेहतर हुआ। इसलिए ड्रेस कोड को सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू हो गया है। लंबे समय से चल रहे मंथन के बाद आखिर में प्रदेश सरकार ने अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बीते दिनों जारी बयान में कहा कि शिक्षा विभाग ने अध्यापकों के ड्रेस कोड को लेकर एक सर्कुलर जारी किया। कहा कि हमारे समाज में एक विशेष स्थान रखने वाले शिक्षकों को गरिमापूर्ण और सभ्य पोशाक में स्कूल आना चाहिए। इसका हमारे समाज, खासकर छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पूरे राज्य में ड्रेस कोड को सख्ती से लागू नहीं कर रही। बता दें कि जिला के कुछ स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने की सहमति बन चुकी है। इसी के तहत अध्यापकों का स्कूल आना शुरू कर दिया है।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोम लाल धीमान ने बताया कि सभी शिक्षण संस्थान ड्रेस कोड लागू करने की दिशा में स्वेच्छा से कदम उठाएं। कहा कि स्कूलों में बेहतर माहौल के लिए यह अच्छा कदम साबित होगा। सोमलाल धीमान ने बताया कि जिला के कुछ स्कूलों में इसपर फैसला हो चुका है। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को फोटो सहित भेजी जाएगी। जबकि, अन्य स्कूलों में भी ड्रेस कोड लागू करने के प्रयास जारी हैं।
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