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Una News: उपायुक्त ने बाल मजदूरी की रोकथाम को किया औचक निरीक्षण
Thu, 17 Oct 2024 02:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 17 Oct 2024 02:22 AM IST
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उपायुक्त जतिन लाल ऊना जिले में बाल मजदूरी की रोकथाम के उद्देश्य से बुधवार को जिले के विभिन्न ढा
पांच किशोरों की उम्र संदिग्ध दायरे में मिली, मांगे दस्तावेज
18 वर्ष से कम उम्र होने पर मालिकों को नोटिस जारी होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने ऊना जिले में बाल मजदूरी की रोकथाम के उद्देश्य से बुधवार को जिले के विभिन्न ढाबों और अहातों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों की टीम के साथ चाइल्ड लेबर के मामले पहचानने के लिए ऊना, जलग्रां, बहडाला, देहलां और मैहतपुर में ढाबों और अहातों का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप, जिला श्रम अधिकारी रणवीर सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के कुलवीर सिंह तथा वरदान मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान पांच किशोरों की उम्र संदिग्ध दायरे में पाई गई। इन किशोरों से संबंधित दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्रों की मांग की गई है, ताकि उनकी सही उम्र का पता लगाया जा सके। यदि उनकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा और नियमों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चों को तत्काल रेस्क्यू कर उनके माता-पिता या बाल केयर सेंटर में सुरक्षित रखा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि बाल मजदूरी एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है। इसे रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने ऊना जिले के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल मजदूरी से संबंधित कोई मामला दिखे, तो वे तुरंत इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या जिला प्रशासन को दें।
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18 वर्ष से कम उम्र होने पर मालिकों को नोटिस जारी होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने ऊना जिले में बाल मजदूरी की रोकथाम के उद्देश्य से बुधवार को जिले के विभिन्न ढाबों और अहातों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों की टीम के साथ चाइल्ड लेबर के मामले पहचानने के लिए ऊना, जलग्रां, बहडाला, देहलां और मैहतपुर में ढाबों और अहातों का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप, जिला श्रम अधिकारी रणवीर सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के कुलवीर सिंह तथा वरदान मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान पांच किशोरों की उम्र संदिग्ध दायरे में पाई गई। इन किशोरों से संबंधित दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्रों की मांग की गई है, ताकि उनकी सही उम्र का पता लगाया जा सके। यदि उनकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा और नियमों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चों को तत्काल रेस्क्यू कर उनके माता-पिता या बाल केयर सेंटर में सुरक्षित रखा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि बाल मजदूरी एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है। इसे रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने ऊना जिले के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल मजदूरी से संबंधित कोई मामला दिखे, तो वे तुरंत इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या जिला प्रशासन को दें।
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