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Una News: मक्का की अगेती बिजाई के साथ बढ़ी 12-32-16 खाद की मांग
Sat, 16 May 2026 07:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 16 May 2026 07:39 AM IST
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ऊना। जिले में मक्का की अगेती बिजाई का दौर शुरू होते ही किसानों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। खेतों की तैयारी के साथ ही 12-32-16 खाद की मांग अचानक बढ़ गई है। हालात ये हैं कि सुबह से ही किसान इफको के गोदामों और खाद बिक्री केंद्रों पर पहुंचकर खाद खरीद रहे हैं ताकि समय रहते खेतों में छिड़काव कर बिजाई प्रक्रिया पूरी की जा सके।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मक्का फसल की अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले खेतों में संतुलित मात्रा में खाद डालना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषकर 12-32-16 खाद को शुरुआती वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित मिश्रण होता है। यही कारण है कि मक्का सीजन शुरू होते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और छोटे वाहनों के माध्यम से खाद लेने पहुंच रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि मौसम अनुकूल बना हुआ है और यदि समय पर बिजाई हो जाए तो फसल उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। ऐसे में किसान पहले चरण में खेतों की जुताई और खाद छिड़काव पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
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इधर, इफको प्रबंधन ने भी खाद आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सभी गोदाम संचालकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी या वितरण में परेशानी सामने आती है तो इसकी सूचना तुरंत जिला स्तर के अधिकारियों को दी जाए ताकि समय रहते आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
इफको ऊना के क्षेत्रीय प्रबंधक माशोक अहमद के अनुसार जिले के सभी गोदामों में फिलहाल पर्याप्त मात्रा में 12-32-16 खाद का स्टॉक उपलब्ध है और किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। मांग बढ़ने के बावजूद लगातार सप्लाई बनाए रखी जा रही है ताकि किसी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मक्का फसल की अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले खेतों में संतुलित मात्रा में खाद डालना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषकर 12-32-16 खाद को शुरुआती वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित मिश्रण होता है। यही कारण है कि मक्का सीजन शुरू होते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है।
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और छोटे वाहनों के माध्यम से खाद लेने पहुंच रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि मौसम अनुकूल बना हुआ है और यदि समय पर बिजाई हो जाए तो फसल उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। ऐसे में किसान पहले चरण में खेतों की जुताई और खाद छिड़काव पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
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इधर, इफको प्रबंधन ने भी खाद आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सभी गोदाम संचालकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी या वितरण में परेशानी सामने आती है तो इसकी सूचना तुरंत जिला स्तर के अधिकारियों को दी जाए ताकि समय रहते आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
इफको ऊना के क्षेत्रीय प्रबंधक माशोक अहमद के अनुसार जिले के सभी गोदामों में फिलहाल पर्याप्त मात्रा में 12-32-16 खाद का स्टॉक उपलब्ध है और किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। मांग बढ़ने के बावजूद लगातार सप्लाई बनाए रखी जा रही है ताकि किसी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।