{"_id":"60f9b2ee8ebc3e6d823bbc5c","slug":"debate-over-toll-tax-in-bathri-barrier-una-news-sml377793999","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाथड़ी बैरियर में टोल टैक्स को लेकर बहसबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाथड़ी बैरियर में टोल टैक्स को लेकर बहसबाजी
विज्ञापन
भंगल के ग्रामीण बाथड़ी में टोल टैक्स को विरोध जताते हुए।
टाहलीवाल (ऊना)। हिमाचल-पंजाब सीमा पर बाथड़ी गांव में लगे टोल टैक्स बैरियर पर देर शाम साथ लगते पंजाब के भंगल गांव के लोगों और टोल टैक्स कर्मचारियों के बीच बहस हो गई। मामला गर्माने पर टोल टैक्स कर्मचारियों ने मौके पर पुलिस को बुला लिया।
भंगल के ग्रामीण बलवीर सिंह, सोहना लाल, निक्कू, गुरपाल सिंह, शिंदा, दिलावर, जागीर सिंह, बिल्ला, इंद्रजीत, सुरेंद्र, रिंक्कू, लवली, जोगा, सतनाम, मक्खन सिंह, अशोक कुमार, जसवीर सिंह ने कहा कि उन्हें रोजाना किसी न किसी काम से बाथड़ी जाना पड़ता है। जब वे हिमाचल की सीमा में प्रवेश करते हैं तो उनसे बैरियर में बैठे कर्मचारी टोल टैक्स कटवाने को कहते हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि वह हर चीज चाहे सब्जी, राशन और दवाइयां के लिए रोजाना बाथड़ी आते हैं। उनका डाकघर भी बाथड़ी है।
ऐसे में रोजाना टोल टैक्स कटवाना तर्क संगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि उन्हें टोल टैक्स में छूट दी जाए। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वह लोग धरना देने के लिए भी तैयार है।
विज्ञापन
टोल टैक्स कर्मचारियों का कहना है कि ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जिसमें उनका टोल माफ किया जाए। नियमों की मुताबिक ही वे टोल वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
भंगल के ग्रामीण बलवीर सिंह, सोहना लाल, निक्कू, गुरपाल सिंह, शिंदा, दिलावर, जागीर सिंह, बिल्ला, इंद्रजीत, सुरेंद्र, रिंक्कू, लवली, जोगा, सतनाम, मक्खन सिंह, अशोक कुमार, जसवीर सिंह ने कहा कि उन्हें रोजाना किसी न किसी काम से बाथड़ी जाना पड़ता है। जब वे हिमाचल की सीमा में प्रवेश करते हैं तो उनसे बैरियर में बैठे कर्मचारी टोल टैक्स कटवाने को कहते हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि वह हर चीज चाहे सब्जी, राशन और दवाइयां के लिए रोजाना बाथड़ी आते हैं। उनका डाकघर भी बाथड़ी है।
विज्ञापन
ऐसे में रोजाना टोल टैक्स कटवाना तर्क संगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि उन्हें टोल टैक्स में छूट दी जाए। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वह लोग धरना देने के लिए भी तैयार है।
विज्ञापन
टोल टैक्स कर्मचारियों का कहना है कि ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जिसमें उनका टोल माफ किया जाए। नियमों की मुताबिक ही वे टोल वसूल रहे हैं।