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नवजात शिशु को फेंकने वाले परिजन पकड़े
ब्यूरो, अमर उजाला/ऊना, अंब
Updated Sun, 06 Dec 2015 07:45 PM IST
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उपमंडल अंब के कुठियाड़ी में सड़क किनारे झाड़ियों में फेंके गए नवजात शिशु के परिजनों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस नवजात शिशु की मां और एक अन्य महिला को कांगड़ा जिला के स्यूल खड्ड से दबोचा है। बताया जा रहा है कि मामले के बाद परिजन यूपी भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने गुप्त सूचना पर आरोपियों को ऐन मौके पर गिरफ्तार कर लिया। बच्चे को सड़क पर फेंकने के कारणों की पुलिस जांच कर रही है। बच्चे को जन्म देने वाली महिला की आयु 20 वर्ष है। महिला साहनीपुर जिला कानूपर यूपी की रहने वाली है।
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चार दिन पहले कुठियाड़ी गांव में नवजात शिशु सड़क किनारे लावारिस हालत में मिला था। कुठियाड़ी गांव के ही मुनीष ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने बच्चे को ऊना अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया और मां-बाप की तलाश शुरू कर दी।
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मुनीष की ओर से दिए गए एक गाड़ी के नंबर सहित कुछ अहम सुरागों के तहत पुलिस ने जांच को तेज किया। पुलिस नंबर के आधार पर जांच करते हुए ढलियारा के एक चालक के पास पूछताछ की। तब खुलासा हुआ कि कांगड़ा के स्यूल खड्ड में रहने वाली कानपुर की एक मां-बेटी ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
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एसएचओ अंब ओम प्रकाश ने दोनों को हिरासत में लेने की पुष्टि करते हुए बताया कि मूल रूप से यह परिवार कानपुर से संबंधित है। कांगड़ा के स्यूल खड्ड में एक ठेकेदार के पास काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे को जन्म देने के बाद लावारिस फेंके जाने के कारणों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्री-मैच्योर है नवजात
कुठियाड़ी में मिला नवजात शिशु प्री-मैच्योर है। इसके चलते उसे बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी मेहनत कर रही है। शिशु को पीलिया की भी शिकायत है। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एसएमओ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन शर्मा की अगुवाई में एक टीम नवजात के उपचार में जुटी है। अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार, मैच्योर डिलिवरी से पैदा होने वाले बच्चे का वजन 2.5 किलोग्राम होता है। लेकिन इसका वजन महज 1.5 किलोग्राम है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन शर्मा ने बताया कि नवजात प्री-मैच्योर है। इसे पीलिया की भी शिकायत है। शिशु का उपचार किया जा रहा है।