{"_id":"5fa987d18ebc3ea96563847b","slug":"corona-testing-features-panting-as-sampling-increases-una-news-sml3510660143","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना टेस्टिंग को सैंपलिंग बढ़ते ही हांफने लगी सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना टेस्टिंग को सैंपलिंग बढ़ते ही हांफने लगी सुविधाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊना। जिले में कोरोना टेस्टिंग के लिए सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। हर स्वास्थ्य खंड से 75 से 80 सैंपल रोजाना जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, लेकिन टेस्टिंग सुविधा मुक्कमल नहीं होने से पूरा तंत्र हांफने लगा है। हालात यह हैं कि जिले में सात, आठ व नौ नवंबर यानि पिछले तीन दिनों में करीब 800 सैंपल की कोरोना जांच लंबित है। इससे कोरोना संदिग्धों की दिक्कतों के साथ ही धड़कने भी बढ़ गई हैं। यह मामला स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सचिव के समक्ष भी उठाया है।
लंबित सैंपल जांच खुद स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बना हुआ है। रोजाना सैकड़ों फोन सैंपल रिपोर्ट के लिए विभाग के अधिकारियों के पास आ रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों के हाथ खड़े हो गए हैं। ऊना जिले से सैंपल टांडा मेडिकल कॉलेज स्थित आरटी पीसीआर लैब में जांच को भेजे जाते हैं। यहां एकाएक ही अधिक सैंपल जांच का दबाव बढ़ने से अब सैंपल जांच के लिए पेंडिंग पर हैं।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर भी रैपिड एंटीजन टेस्ट में भी सैंपलों की जांच कर रहा है, लेकिन कुछ जगहों में केवल आरटी पीसीआर की कंफर्म रिपोर्ट ही मान्य हो रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले लोगों समेत अन्य लोग सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि हर जिले से सैंपलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन लैब की संख्या पहले जितनी ही है। ऐसे में सैंपल जांच लंबित होना स्वाभाविक है। सैंपल के साथ लैब संख्या बढ़ाने की जरूरत आंकी जा रही है। ताकि, तत्काल प्रभाव से कोरोना डिटेक्टशन की जा सके।
सोमवार समेत तीन दिनों की करीब 800 सैंपल पेंडिंग है। यह मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया गया है। हर स्वास्थ्य खंड से शिक्षकों समेत अन्य विभाग व लोगों रैंडम सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन्हें रूटीन में जांच के लिए भेजा जा रहा है। रैपिड एंटीजन टेस्ट में भी कुछ सैंपलों की जांच की जा रही है।- डॉ. रमन कुमार शर्मा, सीएमओ ऊना
विज्ञापन
लंबित सैंपल जांच खुद स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बना हुआ है। रोजाना सैकड़ों फोन सैंपल रिपोर्ट के लिए विभाग के अधिकारियों के पास आ रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों के हाथ खड़े हो गए हैं। ऊना जिले से सैंपल टांडा मेडिकल कॉलेज स्थित आरटी पीसीआर लैब में जांच को भेजे जाते हैं। यहां एकाएक ही अधिक सैंपल जांच का दबाव बढ़ने से अब सैंपल जांच के लिए पेंडिंग पर हैं।
विज्ञापन
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर भी रैपिड एंटीजन टेस्ट में भी सैंपलों की जांच कर रहा है, लेकिन कुछ जगहों में केवल आरटी पीसीआर की कंफर्म रिपोर्ट ही मान्य हो रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले लोगों समेत अन्य लोग सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि हर जिले से सैंपलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन लैब की संख्या पहले जितनी ही है। ऐसे में सैंपल जांच लंबित होना स्वाभाविक है। सैंपल के साथ लैब संख्या बढ़ाने की जरूरत आंकी जा रही है। ताकि, तत्काल प्रभाव से कोरोना डिटेक्टशन की जा सके।
सोमवार समेत तीन दिनों की करीब 800 सैंपल पेंडिंग है। यह मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया गया है। हर स्वास्थ्य खंड से शिक्षकों समेत अन्य विभाग व लोगों रैंडम सैंपल लिए जा रहे हैं। जिन्हें रूटीन में जांच के लिए भेजा जा रहा है। रैपिड एंटीजन टेस्ट में भी कुछ सैंपलों की जांच की जा रही है।- डॉ. रमन कुमार शर्मा, सीएमओ ऊना