जिले में धड़ल्ले से हो रहा पॉलीथिन का इस्तेमाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश भर में पॉलीथिन पर कड़े प्रतिबंध के बावजूद सीमांत जिले में पॉलीथिन का प्रयोग नहीं रुक रहा है। पॉलीथिन मुक्त हिमाचल का सपना यहां टूटता दिखाई दे रहा है। हालांकि, विभाग की ओर से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए पॉलीथिन प्रयोग करने वालों पर शिकंजा भी कसा गया है। इसकी तस्दीक विभाग की ओर से किए गए चालानों के आंकड़े करते हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग ने पॉलीथिन के इस्तेमाल पर सख्ती बरतते हुए तीन माह के भीतर चालान काटकर करीब 56 हजार रुपये वसूल किए गए हैं। भविष्य में पॉलीथिन प्रयोग को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाने की रणनीति बनाई है।
ऊना जिला पंजाब क्षेत्र से सटे होने की वजह से यहां पॉॅलीथिन प्रयोग पर रोक लगाने में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, पिछले तीन माह के दौरान विभाग की ताबड़तोड़ छापामारी से जिले के पॉलीथिन विक्रेताओं में हड़कंप मचा रहा। लेकिन इसके बावजूद प्रदेश पॉलीथिन के शिकंजे से नहीं छूट पा रहा है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में जिले में विभिन्न जगहों में छापामारी कर करीब 55 चालान किए हैं। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण कनेत ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन विक्रेताओं पर भविष्य में शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन प्रयोग करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
इसके अलावा विभाग ने ढाबों तथा टाहलीवाल के एक उद्योग की कैंटीन में छापामारी के दौरान लगभग 44 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। विभाग ने सब्जी की दुकानों पर रेट लिस्ट न लगाने पर जिले भर में 146 दुकानों से 91 हजार रुपये की 30.69 टन सब्जी जब्त की है।