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Una News: चैतन्य के आरोपों पर कांग्रेस ने किया पलटवार
Sat, 30 Mar 2024 12:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 30 Mar 2024 12:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट(ऊना)। उपचुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी बने चैतन्य शर्मा के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर लगाए गए आरोपों पर गगरेट ब्लॉक कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री छात्र राजनीति से पैदा हुए ऐसा नेता हैं, जिनका जीवन संघर्ष में तप कर कुंदन बना है। वह किसी की अंगुली पकड़ कर नेता नहीं बने हैं।
शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव राकेश चौधरी, पूर्व सचिव रवि पराशर, वीनस जसवाल, होशियार सिंह, भानू प्रताप अरुण चौधरी. नरेश कुमार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडित राम लुभाया, स्टील कंज्यूमर काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य यशपाल राणा व मधुसूदन जसवाल ने कहा कि चैतन्य शर्मा अब मुख्यमंत्री पर निशाना साध कर अपनी कारगुजारी को नहीं छुपा सकते। जब वह चुनाव में वोट मांगने जाएंगे, तो उन्हें जनता को बताना होगा कि मात्र 14 माह बाद ही कर्ज में चल रहे प्रदेश पर उपचुनाव का बोझ क्यों डाला गया। आरोप लगाया कि 14 माह के कार्यकाल में चैतन्य शर्मा ने अपने संगठन वाईएसपी का ही पोषण किया। वाईएसपी की भी जांच होनी चाहिए कि इसके लिए फंड कहां से आता है।
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गगरेट(ऊना)। उपचुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी बने चैतन्य शर्मा के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर लगाए गए आरोपों पर गगरेट ब्लॉक कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री छात्र राजनीति से पैदा हुए ऐसा नेता हैं, जिनका जीवन संघर्ष में तप कर कुंदन बना है। वह किसी की अंगुली पकड़ कर नेता नहीं बने हैं।
शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव राकेश चौधरी, पूर्व सचिव रवि पराशर, वीनस जसवाल, होशियार सिंह, भानू प्रताप अरुण चौधरी. नरेश कुमार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडित राम लुभाया, स्टील कंज्यूमर काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य यशपाल राणा व मधुसूदन जसवाल ने कहा कि चैतन्य शर्मा अब मुख्यमंत्री पर निशाना साध कर अपनी कारगुजारी को नहीं छुपा सकते। जब वह चुनाव में वोट मांगने जाएंगे, तो उन्हें जनता को बताना होगा कि मात्र 14 माह बाद ही कर्ज में चल रहे प्रदेश पर उपचुनाव का बोझ क्यों डाला गया। आरोप लगाया कि 14 माह के कार्यकाल में चैतन्य शर्मा ने अपने संगठन वाईएसपी का ही पोषण किया। वाईएसपी की भी जांच होनी चाहिए कि इसके लिए फंड कहां से आता है।
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