{"_id":"66b74ab82da5cee018084190","slug":"caterpillar-hollowed-out-the-maize-crop-una-news-c-93-1-ssml1048-130270-2024-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: सुंडी ने खोखली कर दी मक्की की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: सुंडी ने खोखली कर दी मक्की की फसल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्तों से लेकर तने तक हमला कर रही सुंडी
कई किसानों ने छोड़ी फसल की देखभाल करना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में मक्की की फसल पर सुंडी ने हमला कर दिया है। इससे फसल के पत्तों के साथ इसका तना भी खोखला हो रहा है। किसानों ने इसकी रोकथाम के लिए जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव किया है लेकिन कई जगह फसलों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। कई किसानों ने अब हताश होकर फसल की देखरेख करना ही छोड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार मक्की की फसल किसानों के लिए बीते कुछ सालों के घाटे का सौदा साबित हो रही है। इसी के चलते कई किसानों ने इसके विकल्प के तौर पर हरी सब्जियां उगाना शुरू कर दी हैं। वहीं जिन किसानों के मक्की पर भरोसा जताया, उनमें कइयों को नुकसान हुआ है। मक्की की पारंपरिक खेती पर सुंडी इस समय कहर बरपा रही है जबकि अगेती फसल अच्छी स्थिति में है। पारंपरिक खेती उन इलाकों में ज्यादा होती है, जहां सिंचाई सुविधा नहीं है। जबकि अगेती फसल सिंचाई सुविधा के बल पर तैयार होती है। किसानों सुनील कुमार, विवेक सैनी, अमनदीप, भूपिंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह आदि ने कहा कि मक्की की फसल कभी मौसम की भेंट चढ़ जाती है तो कभी कीड़े या सुंडी की मार से फसल बर्बाद हो जाती है। कहा कि अच्छे कीटनाशकों की कीमत इतनी अधिक है कि एक क्विंटल मक्की उतने में बिके। वहीं खाद का छिड़काव भी समय पर करना होता है। इसके बावजूद कीड़े या सुंडी की चपेट में आने से फसल बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में केवल अपने गुजारे के लिए ही फसल लगाएंगे।
जिले में मक्की की फसल अच्छी स्थिति में है। कुछ क्षेत्रों सुंडी लगने के मामले हो सकते हैं। इसकी पड़ताल के लिए विभागीय टीम को भेजा जाएगा। किसान भी अपनी समस्या के तुरंत समाधान के लिए कृषि विभाग से बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। -कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
कई किसानों ने छोड़ी फसल की देखभाल करना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में मक्की की फसल पर सुंडी ने हमला कर दिया है। इससे फसल के पत्तों के साथ इसका तना भी खोखला हो रहा है। किसानों ने इसकी रोकथाम के लिए जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव किया है लेकिन कई जगह फसलों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। कई किसानों ने अब हताश होकर फसल की देखरेख करना ही छोड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार मक्की की फसल किसानों के लिए बीते कुछ सालों के घाटे का सौदा साबित हो रही है। इसी के चलते कई किसानों ने इसके विकल्प के तौर पर हरी सब्जियां उगाना शुरू कर दी हैं। वहीं जिन किसानों के मक्की पर भरोसा जताया, उनमें कइयों को नुकसान हुआ है। मक्की की पारंपरिक खेती पर सुंडी इस समय कहर बरपा रही है जबकि अगेती फसल अच्छी स्थिति में है। पारंपरिक खेती उन इलाकों में ज्यादा होती है, जहां सिंचाई सुविधा नहीं है। जबकि अगेती फसल सिंचाई सुविधा के बल पर तैयार होती है। किसानों सुनील कुमार, विवेक सैनी, अमनदीप, भूपिंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह आदि ने कहा कि मक्की की फसल कभी मौसम की भेंट चढ़ जाती है तो कभी कीड़े या सुंडी की मार से फसल बर्बाद हो जाती है। कहा कि अच्छे कीटनाशकों की कीमत इतनी अधिक है कि एक क्विंटल मक्की उतने में बिके। वहीं खाद का छिड़काव भी समय पर करना होता है। इसके बावजूद कीड़े या सुंडी की चपेट में आने से फसल बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में केवल अपने गुजारे के लिए ही फसल लगाएंगे।
विज्ञापन
जिले में मक्की की फसल अच्छी स्थिति में है। कुछ क्षेत्रों सुंडी लगने के मामले हो सकते हैं। इसकी पड़ताल के लिए विभागीय टीम को भेजा जाएगा। किसान भी अपनी समस्या के तुरंत समाधान के लिए कृषि विभाग से बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। -कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
विज्ञापन