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Una News: खेत में पेठे की बंपर फसल तैयार, नहीं मिल रहे खरीदार
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30 किलो वज़नी पेठा दिखाते हुए किसान पुनीत शर्मा निवासी बड़ूही।
बड़ूही (ऊना)। ग्राम पंचायत बड़ूही के किसान पुनीत शर्मा ने खेत में पेठे की बंपर फसल तैयार की है लेकिन तैयार फसल के लिए खरीदार नहीं मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
करीब 30 किलो तक के पेठे तैयार हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर व्यापारी या खरीदार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में खेत से फसल बाजार तक पहुंचाकर उचित दाम हासिल करना चुनौती बन गया है।
पुनीत शर्मा हर मौसम में अलग-अलग मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि पेठे की फसल अच्छी हुई है लेकिन बाजार नहीं मिलने से मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बीज, खाद, सिंचाई और मेहनत पर खर्च करने के बाद तैयार फसल की खरीद व्यवस्था नहीं होना किसानों के लिए परेशानी का कारण है।
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पेठे का इस्तेमाल सब्जी के अलावा मिठाई और माश की बड़ियां बनाने में भी होता है। धार्मिक अनुष्ठानों में भी इसका उपयोग किया जाता है। पुनीत ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौसमी सब्जियों की स्थानीय स्तर पर खरीद और बाजार की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मदद ले सकते हैं। फिलहाल कृषि विभाग के पास सरकार की ओर से किसानों की उपज की खरीद के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
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करीब 30 किलो तक के पेठे तैयार हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर व्यापारी या खरीदार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में खेत से फसल बाजार तक पहुंचाकर उचित दाम हासिल करना चुनौती बन गया है।
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पुनीत शर्मा हर मौसम में अलग-अलग मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि पेठे की फसल अच्छी हुई है लेकिन बाजार नहीं मिलने से मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बीज, खाद, सिंचाई और मेहनत पर खर्च करने के बाद तैयार फसल की खरीद व्यवस्था नहीं होना किसानों के लिए परेशानी का कारण है।
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पेठे का इस्तेमाल सब्जी के अलावा मिठाई और माश की बड़ियां बनाने में भी होता है। धार्मिक अनुष्ठानों में भी इसका उपयोग किया जाता है। पुनीत ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौसमी सब्जियों की स्थानीय स्तर पर खरीद और बाजार की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मदद ले सकते हैं। फिलहाल कृषि विभाग के पास सरकार की ओर से किसानों की उपज की खरीद के लिए कोई प्रावधान नहीं है।