{"_id":"6a732bc9adcbc93635061f51","slug":"bull-killed-after-being-hit-by-speeding-car-una-news-c-93-1-ssml1048-201272-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: तेज रफ्तार कार की टक्कर से बैल की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: तेज रफ्तार कार की टक्कर से बैल की मौत
Thu, 06 Aug 2026 06:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:55 AM IST
विज्ञापन
बडूही (ऊना)। उपमंडल अंब के अंतर्गत नंदपुर में मंगलवार देर रात करीब 10 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर बैठे बैल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से भाग गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बैल गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों और पशु चिकित्सक ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया लेकिन उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पंचायत ठठल के प्रधान पुष्पेंद्र ठाकुर, पंचायत कुठेड़ा जसवालां के उपप्रधान अवनीश जसवाल सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने घायल बेजुबान पशु को बचाने के लिए तत्काल पशु चिकित्सक को सूचना दी और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों के फोन पर निजी स्तर पर सेवाएं दे रहे पशु चिकित्सक डॉ. इमरान खान तुरंत नंदपुर पहुंचे और बिना देर किए बैल का उपचार शुरू किया लेकिन बैल को नहीं बचाया जा सका। जानकारी जुटाने पर पता चला कि यह बैल धंधड़ी गोशाला का था। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं धंधड़ी गोशाला के संचालक संजीव बजरंगी ने बताया कि कई बार गोशाला के कर्मचारी गोवंश को चरने के लिए बाहर छोड़ते हैं। इसी दौरान संबंधित बैल कहीं निकल गया था।
एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी उचित कार्रवाई होगी, अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलते ही पंचायत ठठल के प्रधान पुष्पेंद्र ठाकुर, पंचायत कुठेड़ा जसवालां के उपप्रधान अवनीश जसवाल सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने घायल बेजुबान पशु को बचाने के लिए तत्काल पशु चिकित्सक को सूचना दी और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों के फोन पर निजी स्तर पर सेवाएं दे रहे पशु चिकित्सक डॉ. इमरान खान तुरंत नंदपुर पहुंचे और बिना देर किए बैल का उपचार शुरू किया लेकिन बैल को नहीं बचाया जा सका। जानकारी जुटाने पर पता चला कि यह बैल धंधड़ी गोशाला का था। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं धंधड़ी गोशाला के संचालक संजीव बजरंगी ने बताया कि कई बार गोशाला के कर्मचारी गोवंश को चरने के लिए बाहर छोड़ते हैं। इसी दौरान संबंधित बैल कहीं निकल गया था।
विज्ञापन
एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी उचित कार्रवाई होगी, अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन