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Una News: मांग के बाद भी स्थापित नहीं हो पाई ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन
Sat, 06 Dec 2025 06:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 06 Dec 2025 06:54 AM IST
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने की योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। इससे आए दिन मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
प्रबंधन की तरफ से कई बार उच्च अधिकारियों को सूचित किया है लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी उक्त मशीन अस्पताल में नहीं लग पाई है। ऐसे में मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ व अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
जिले के सबसे बड़े अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। मशीन के स्थापित होने से खून से प्लेटलेट अलग करने और उसे मरीज को चढ़ाने की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को मशीन स्थापित करने का कई बार आश्वासन दिया है। इस सुविधा को लेकर काफी समय से मांग उठाई जा रही है।
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अस्पताल में मशीन स्थापित होने से मरीजों को ब्लड प्लेटलेट व प्लाज्मा चढ़ाने के लिए पंजाब के रोपड़, होशियारपुर और पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है।
वर्तमान में मरीजों को उपचार के दौरान प्लेटलेट कम होने के कारण इसे चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। जिले के सरकारी अस्पतालों में इसे लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। डेंगू, मलेरिया व अन्य रोगों के मरीजों को कई बार प्लेटलेट की मात्रा 25,000 के नीचे जाने के बाद इसकी जरूरत पड़ती है। अगर यह सुविधा क्षेत्रीय अस्पताल में शुरू होती है तो जिले भर से उपचार के लिए आने वाले जरूरतमंद मरीजों को इसका काफी लाभ मिलेगा।
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प्रबंधन की तरफ से कई बार उच्च अधिकारियों को सूचित किया है लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी उक्त मशीन अस्पताल में नहीं लग पाई है। ऐसे में मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ व अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
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जिले के सबसे बड़े अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। मशीन के स्थापित होने से खून से प्लेटलेट अलग करने और उसे मरीज को चढ़ाने की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को मशीन स्थापित करने का कई बार आश्वासन दिया है। इस सुविधा को लेकर काफी समय से मांग उठाई जा रही है।
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अस्पताल में मशीन स्थापित होने से मरीजों को ब्लड प्लेटलेट व प्लाज्मा चढ़ाने के लिए पंजाब के रोपड़, होशियारपुर और पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है।
वर्तमान में मरीजों को उपचार के दौरान प्लेटलेट कम होने के कारण इसे चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। जिले के सरकारी अस्पतालों में इसे लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। डेंगू, मलेरिया व अन्य रोगों के मरीजों को कई बार प्लेटलेट की मात्रा 25,000 के नीचे जाने के बाद इसकी जरूरत पड़ती है। अगर यह सुविधा क्षेत्रीय अस्पताल में शुरू होती है तो जिले भर से उपचार के लिए आने वाले जरूरतमंद मरीजों को इसका काफी लाभ मिलेगा।