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Una News: जिले के 90% स्कूलों में नहीं काम कर रहीं बायोमीट्रिक मशीनें

Thu, 23 Feb 2023 11:17 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 23 Feb 2023 11:17 PM IST
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Biometric machines are not working in 90% schools of the district
ऊना। स्कूलों में अध्यापकों समेत अन्य स्टाफ के लिए हाजिरी बायोमीट्रिक मशीनों से लगाना अनिवार्य किया है। लेकिन निर्देश का पालन करना स्कूलों के लिए चुनौती बना हुआ है। खस्ताहाल मशीनों की मरम्मत करवाने के बाद भी उन पर हाजिरी लगाने में मुश्किल हो रही हैं। वहीं, नई मशीनों को चलाने और उनके रखरखाव के बारे में स्कूल प्रबंधकों को कोई अभ्यास कराया गया है। मशीनों का सर्वर डाउन होने पर कई बार अध्यापकों को हाजिरी लगाने में एक घंटे तक का समय लग जाता है।
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जानकारी के अनुसार जिले के 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में लगी बायोमीट्रिक मशीनें काम नहीं कर रहीं। पुरानी मशीनें तो कई बार काम करना बंद कर देती हैं। कोरोना काल से पहले स्कूलों में मशीनें लगाई गई थीं। संक्रमण के दौर में लंबे समय तक इस्तेमाल न होने से मशीनें खराब हो गईं। स्कूलों के लिए मशीनों के रखरखाव के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। बीते दिनों हाईकोर्ट के आदेश पर स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए गए। बताया जा रहा है कि सभी स्कूलों की मशीनें ऑनलाइन अटेंडेंस पोर्टल पर पंजीकृत हैं लेकिन उन पर हाजिरी नहीं लगने के कारण मशीनों की गतिविधि पोर्टल पर नजर नहीं आ रही। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को अपने स्तर पर मशीनों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। नई कंपनी के तकनीशियन मशीनों को दुरुस्त करने पहुंचे, लेकिन मरम्मत के बाद फिर से मशीनों के कार्य करना बंद कर दिया।
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गगरेट शिक्षा खंड-1 के प्रधान कुलदीप कंग और खंड-2 की प्रधान अनीता शर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें काम नहीं कर रहीं। मशीनों की मरम्मत करने आने वाले कर्मचारी भी कोई जानकारी उनके साथ साझा नहीं करते। अगर तकनीशियन मशीनों के रखरखाव से जुड़ी जानकारी उनके साथ साझा करेंगे, तो उन्हें मशीनों को अपने स्तर पर दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। मशीनों से जुड़े सर्वर में भी सुधार किया जाए। उससे अध्यापकों का व्यर्थ जा रहा समय बचेगा।
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कोट्स
अधिकतर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से जुड़ी समस्या अभी भी बनी हुई है। इसे दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर संबंधित कंपनी से बातचीत की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द समाधान होगा।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग।
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