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भागवत एक गंगा, सभी जीवों का करती है कल्याण : चित्रलेखा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। कोटलां कलां ऊना में चल रही भागवत कथा में साध्वी देवी चित्रलेखा ने कहा कि भारतवर्ष की नदियों की तरह भागवत भी एक गंगा है, जो सभी जीवों का कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि भागवत भगवान की शब्दमयी मूर्ति है और जब हम श्लोक, भजन या चौपाई गाते हैं तो हम भागवत की अर्चना करते हैं। उन्होंने कर्मों के महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि हमें अच्छे कर्म करने चाहिए, क्योंकि कर्मों का परिणाम हर हाल में हमें भोगना पड़ता है।
इस अवसर पर साध्वी ने राधा रानी के भजन प्रस्तुत किए, जिसे भक्तों ने बड़े आनंद से सुना। बाद में उन्होंने अजामिल की कथा सुनाई, जिसमें अजामिल ने पापों के बावजूद नारायण का नाम लिया और यमदूतों से बचकर गोलोकधाम को प्राप्त किया। कथा के चौथे दिन देवी ने भगवान के 24 अवतारों में विशेष रूप से वामन, राम और कृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन किया।
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ऊना। कोटलां कलां ऊना में चल रही भागवत कथा में साध्वी देवी चित्रलेखा ने कहा कि भारतवर्ष की नदियों की तरह भागवत भी एक गंगा है, जो सभी जीवों का कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि भागवत भगवान की शब्दमयी मूर्ति है और जब हम श्लोक, भजन या चौपाई गाते हैं तो हम भागवत की अर्चना करते हैं। उन्होंने कर्मों के महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि हमें अच्छे कर्म करने चाहिए, क्योंकि कर्मों का परिणाम हर हाल में हमें भोगना पड़ता है।
इस अवसर पर साध्वी ने राधा रानी के भजन प्रस्तुत किए, जिसे भक्तों ने बड़े आनंद से सुना। बाद में उन्होंने अजामिल की कथा सुनाई, जिसमें अजामिल ने पापों के बावजूद नारायण का नाम लिया और यमदूतों से बचकर गोलोकधाम को प्राप्त किया। कथा के चौथे दिन देवी ने भगवान के 24 अवतारों में विशेष रूप से वामन, राम और कृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन किया।
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