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Una News: बारिश में तालाब बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदसाली
Tue, 21 Jul 2026 07:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:19 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदसाली में हुआ जलभराव। संवाद
पंडोगा (ऊना)। लगातार हो रही बारिश ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भदसाली की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अस्पताल परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परिसर तालाब में तब्दील हो गया है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पानी के बीच से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को उपचार से पहले ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं फिसलकर हादसे की आशंका भी बनी हुई है। स्थिति यह है कि अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव हुआ था और पानी के तेज बहाव से अस्पताल की चहारदीवारी का एक हिस्सा गिर गया था। एक वर्ष बीतने के बावजूद क्षतिग्रस्त चहारदीवारी का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। लोगों का आरोप है कि हर बरसात में यही हालात बनते हैं, लेकिन विभाग स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा।
25 वर्ष पुराना भदसाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है, जहां करीब 20 से 25 हजार आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। आसपास के आठ गांवों के लोग उपचार के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। यहां सामान्य ओपीडी के साथ रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे रात के समय भी मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल में वर्तमान में चार एमबीबीएस चिकित्सक और एक दंत चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। प्रतिदिन औसतन 70 से 80 मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में बरसात के दिनों में जलभराव न केवल मरीजों बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिंगारा सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या विभाग के संज्ञान में है। आवश्यक मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था के लिए कार्रवाई की जा रही है। मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
हर बारिश में अस्पताल परिसर में जलभराव हो जाता है। मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। प्रशासन को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए।
- राज कुमार, निवासी गांव खड्ड
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यह अस्पताल कई गांवों की जीवनरेखा है। जलभराव के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
- गुरमेश, निवासी दौलतपुर।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव हुआ था और पानी के तेज बहाव से अस्पताल की चहारदीवारी का एक हिस्सा गिर गया था। एक वर्ष बीतने के बावजूद क्षतिग्रस्त चहारदीवारी का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। लोगों का आरोप है कि हर बरसात में यही हालात बनते हैं, लेकिन विभाग स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा।
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25 वर्ष पुराना भदसाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है, जहां करीब 20 से 25 हजार आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। आसपास के आठ गांवों के लोग उपचार के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। यहां सामान्य ओपीडी के साथ रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे रात के समय भी मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल में वर्तमान में चार एमबीबीएस चिकित्सक और एक दंत चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। प्रतिदिन औसतन 70 से 80 मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में बरसात के दिनों में जलभराव न केवल मरीजों बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिंगारा सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या विभाग के संज्ञान में है। आवश्यक मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था के लिए कार्रवाई की जा रही है। मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
हर बारिश में अस्पताल परिसर में जलभराव हो जाता है। मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। प्रशासन को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए।
- राज कुमार, निवासी गांव खड्ड
यह अस्पताल कई गांवों की जीवनरेखा है। जलभराव के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
- गुरमेश, निवासी दौलतपुर।