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Una News: जिले के दो आयुर्वेदिक अस्पतालों में बंद हुई आयुष्मान और हिमकेयर की सुविधा
Thu, 25 Jun 2026 06:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 25 Jun 2026 06:56 AM IST
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ऊना। जिले के दो आयुर्वेदिक अस्पतालों में अब आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत लाभ नहीं मिल पाएगा। आयुर्वेदिक अस्पताल ऊना और ईसपुर में पहले यह सुविधा मिलती थी। अब सरकार के निर्देशों के बाद मरीजों को दिक्कतें बढ़ती नजर आ रही हैं।
आयुर्वेदिक अस्पताल में आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजनाओं के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इस कड़ी में बवासीर, भगंदर और संबंधित रोगों के उपचार के लिए किए जाने वाले क्षार सूत्र ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बता दें कि क्षार सूत्र के एक ऑपरेशन के लिए टेस्ट व दवाइयों सहित औसतन 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके अलावा अग्निकर्म, पंचकर्म व अन्य पद्धतियों के माध्यम से उपचार करवाने के लिए अब मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। सरकार से इस फैसले को लेकर लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। इस पर कार्ड धारकों ने अपने प्रतिक्रिया साझा की।
आयुर्वेदिक अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान योजना की सुविधा बंद होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
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-संदीप ठाकुर, हिमकेयर कार्ड धारक चुरुड़ू
गरीब लोगों के लिए यह कार्ड सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। पंचकर्म और क्षार सूत्र की सुविधा का लाभ लेने के लिए अब लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा।
-श्याम सुंदर, हिमकेयर कार्ड धारक दयाड़ा
सरकार के निर्देशों के तहत ऊना और ईसपुर अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड की सुविधा को बंद कर दिया गया है। अब मरीजाें को विभिन्न प्रकार के उपचार के लिए अपनी जेब से खर्च करना पड़ेगा।
-डॉ किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना
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आयुर्वेदिक अस्पताल में आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजनाओं के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इस कड़ी में बवासीर, भगंदर और संबंधित रोगों के उपचार के लिए किए जाने वाले क्षार सूत्र ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बता दें कि क्षार सूत्र के एक ऑपरेशन के लिए टेस्ट व दवाइयों सहित औसतन 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके अलावा अग्निकर्म, पंचकर्म व अन्य पद्धतियों के माध्यम से उपचार करवाने के लिए अब मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। सरकार से इस फैसले को लेकर लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। इस पर कार्ड धारकों ने अपने प्रतिक्रिया साझा की।
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आयुर्वेदिक अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान योजना की सुविधा बंद होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
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-संदीप ठाकुर, हिमकेयर कार्ड धारक चुरुड़ू
गरीब लोगों के लिए यह कार्ड सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। पंचकर्म और क्षार सूत्र की सुविधा का लाभ लेने के लिए अब लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा।
-श्याम सुंदर, हिमकेयर कार्ड धारक दयाड़ा
सरकार के निर्देशों के तहत ऊना और ईसपुर अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड की सुविधा को बंद कर दिया गया है। अब मरीजाें को विभिन्न प्रकार के उपचार के लिए अपनी जेब से खर्च करना पड़ेगा।
-डॉ किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना