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अज्ञात वीडियो कॉल कभी न करें रिसीव : विनोद धीमान

Sat, 19 Oct 2019 11:42 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2019 11:42 PM IST
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ऊना के पेखूवेला में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान एएसपी विनोद धीमान छात्राओं के साथ। - फोटो : Una
ऊना। किसी अज्ञात नंबर से आ रही वीडियो कॉल आपको संकट में डाल सकती है। हो सकता है कि कॉलर आपके द्वारा फोन उठाते ही आपका स्क्रीन शॉट लेकर उसका गलत इस्तेमाल करे। इसलिए कभी किसी अज्ञात वीडियो कॉल को रिसीव न करें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार धीमान ने शनिवार को जवाहर लाल नेहरू विद्यालय पेखूवेला मेें आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक करते हुए यह जानकारी दी।
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शिविर में लगभग ढाई सौ छात्राओं ने भाग लिया और कार्यक्रम से पूर्व जागरूकता रैली निकाली। इस मौके पर एएसपी ने छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, 112 एमरजेंसी नंबर, गुड़िया हेल्पलाइन और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अपने आसपास घटित हो रहे अपराध की सूचना पर तुरंत रिपोर्ट करें। इस मौके पर दीक्षित हीरा, आरजू, पूनम, सोफिया, एंजेल ठाकुर, प्रीति आदि छात्राओं ने सवाल किए।
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घर-घर तक पहुंचाएं संदेश : अनूपा
जेएनवी प्रधानाचार्य अनूपा ठाकुर ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम में दिया गया संदेश छात्राओं के लिए न केवल वर्तमान में बल्कि भविष्य में भी काम आने वाला है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि इस संदेश को घर-घर तक पहुुंचाएं और सामाजिक जागरूकता का हिस्सा बनें।
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छात्राओं ने पूछे सवाल
महिला से दुर्व्यवहार की क्या है सजा : दीक्षित हीरा
छात्रा दीक्षित हीरा ने पूछा कि महिला से दुर्व्यवहार की क्या सजा है। एएसपी ने बताया कि महिला से छेड़छाड़, घूर कर देखना, बदतमीजी से बात करना आदि पर आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाती है।
दिमागी तौर पर कमजोर व्यक्ति अपराध करे तो : आरजू
आरजू ने जानकारी चाही कि अगर कोई दिमागी तौर पर कमजोर व्यक्ति अपराध करता है तो क्या सजा का प्रावधान है। एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि कानून ऐसे इंसान को प्रोटेक्ट करता है। बशर्ते चिकित्सकीय तौर पर दिमागी कमजोरी साबित करनी होगी।
लड़कों को भी किया जाए शामिल : पूनम
छात्रा पूनम ने सुझाव दिया कि अपराजिता कार्यक्रम में लड़कों को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भी कानून की जानकारी हो। अमर उजाला की ओर से बताया गया कि पुलिस की पाठशाला अभियान में लड़के और लड़कियों को शामिल किया जाता है।

सुनवाई के दौरान नाबालिग अपराधी व्यस्क हो जाए तो : सोफिया
छात्रा सोफिया ने पूछा कि अगर कोई 17 वर्ष का नाबालिग अपराध करता है और केस की सुनवाई के दौरान वह व्यस्क हो जाता है तो उसे किस तरह की सजा मिलेगी। एएसपी ने बताया कि कानूनन व्यक्ति पर उसी वक्त से केस चलेगा जिस उम्र में उसने अपराध किया है।
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