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ऊना में वायु प्रदूषण बढ़ा, 51.04 पहुंचा सूचकांक
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ऊना के एमसी पार्क में दर्शाया गया वायु गुणवत्ता सूचकांक। संवाद
- फोटो : Una
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ऊना। जिला मुख्यालय ऊना में वायु प्रदूषण की स्थिति संतोषजनक तो है, लेकिन बीते वर्ष के मुकाबले इसमें बढ़ोतरी हुई है। मैहतपुर क्षेत्र में भी वायु प्रदूषण में हल्की बढ़ोतरी हुई है।
औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहे ऊना जिले में प्रदूषण का स्तर फिलहाल संतोषजनक है। अगर तुलनात्मक अध्ययन करें तो बीते साल के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 5.52 बढ़ोतरी हुई है। ऊना में बीते वर्ष एक्यूआई 45.5 से बढ़कर 51.04 पहुंच गया है। ऊना में एक्यूआई बेहतरीन श्रेणी की जगह से संतोषजनक की श्रेणी में लुढ़क गया है। मैहतपुर में बीते वर्ष के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी हुई। यहां एक्यूआई 54.86 से बढ़कर 55.4 पर पहुंचा है।
यह संतोषजनक श्रेणी में ही है। बीते पांच वर्षों की तुलना की जाए तो ऊना में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है। 2017-18 में ऊना में एक्यूआई 60.33 और मैहतपुर में 68.475 था।
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माना जा रहा है कि बीते वर्ष कोरोना काल के कारण वाहनों की आवाजाही में कमी रही थी। इस वजह से भी वायु प्रदूषण में कमी हो सकती है। अब दोबारा वाहन सामान्य की तरह चलने से स्थिति पहले जैसी होने लगी है। पर्यावरण संरक्षण की लिहाज से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना भी जरूरी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता प्रवीण कुमार धीमान ने बताया कि ऊना और मैहतपुर में वायु प्रदूषण संतोषजनक स्थिति में है। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं। इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है।
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औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहे ऊना जिले में प्रदूषण का स्तर फिलहाल संतोषजनक है। अगर तुलनात्मक अध्ययन करें तो बीते साल के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 5.52 बढ़ोतरी हुई है। ऊना में बीते वर्ष एक्यूआई 45.5 से बढ़कर 51.04 पहुंच गया है। ऊना में एक्यूआई बेहतरीन श्रेणी की जगह से संतोषजनक की श्रेणी में लुढ़क गया है। मैहतपुर में बीते वर्ष के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी हुई। यहां एक्यूआई 54.86 से बढ़कर 55.4 पर पहुंचा है।
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यह संतोषजनक श्रेणी में ही है। बीते पांच वर्षों की तुलना की जाए तो ऊना में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है। 2017-18 में ऊना में एक्यूआई 60.33 और मैहतपुर में 68.475 था।
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माना जा रहा है कि बीते वर्ष कोरोना काल के कारण वाहनों की आवाजाही में कमी रही थी। इस वजह से भी वायु प्रदूषण में कमी हो सकती है। अब दोबारा वाहन सामान्य की तरह चलने से स्थिति पहले जैसी होने लगी है। पर्यावरण संरक्षण की लिहाज से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना भी जरूरी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता प्रवीण कुमार धीमान ने बताया कि ऊना और मैहतपुर में वायु प्रदूषण संतोषजनक स्थिति में है। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं। इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है।