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Una News: दोष सिद्ध न होने पर दुर्घटना का आरोपी बरी

Sat, 12 Jul 2025 12:34 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 12:34 AM IST
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Accused acquitted for not being found guilty in accident
अदालत
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एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर वन प्रशांत नेगी ने सुनाया फैसला
11 गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दुर्घटना के आरोपी को अंब की अदालत ने बरी कर दिया। मामले में दो लोगों की मौत हो गई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर एक अंब प्रशांत नेगी ने मामले में फैसला सुनाया। आरोपी अजय ठाकुर वासी पांगी जिला चंबा के खिलाफ यह आरोप था कि उसने तेज रफ्तारी और लापरवाही से अपनी कार को चलाते हुए पहली फरवरी 2015 को रात साढ़े ग्यारह बजे कार को बाकी लोगों के समेत खाई में उतार दिया। कार में सवार दो व्यक्तियों की मौका पर ही मृत्यु हो गई। आरोपी के विरुद्ध धारा 279, 337, 304-ए आईपीसी तथा 181 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दर्ज इस केस में अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह कोर्ट में पेश किए। बचाव पक्ष ने भी अपने पक्ष में गवाह पेश किए। बचाव पक्ष के वकील ने जिरह करते समय अभियोजन पक्ष के गवाहों और पुलिस अधिकारियों से यह तथ्य कोर्ट के रिकाॅर्ड में सामने लाए कि उस रात को नंदपुर पुल (अंब) के पास काफी ज्यादा धुंध पड़ी हुई थी। निर्माणाधीन पुल जो सड़क के बिल्कुल साथ बनने को था, वहां पर रात के समय गाड़ियों के बचाव के लिए रिफ्लेक्टर, बैरीकेट्स, डायवर्सन के चिन्ह इत्यादि सरकारी विभाग और ठेकेदार ने दुर्घटना से बचाव के लिए नहीं लगाए थे। पक्की सड़क खत्म होते ही बन रहे पुल के बीच काफी बड़ी और गहरी खाई विभाग तथा ठेकेदार ने खोद रखी थी। पक्की सड़क से एक अस्थायी कच्ची सड़क बनाकर पुल की दूरी पार करके फिर पक्की सड़क से जोड़ा गया था। अस्थायी सड़क पर रात को रिफ्लेक्टर इत्यादि न लगे होने के कारण गाड़ी का खाई में गिरना स्वभाविक था। यह गलती ठेकेदार और सरकारी विभाग की थी न कि ड्राइवर की। जिरह में पुलिस ने यह भी माना कि इससे पहले भी यहां खाई में कई अन्य गाड़ियां गिरी हैं। अदालत ने 11 गवाहों की गवाही के बाद और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को उपरोक्त आरोपों से बरी करके अपना अहम फैसला सुनाया।
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