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Una News: एआई और 6जी तकनीक के संगम और भविष्य के संचार नेटवर्क पर लगाई पाठशाला
Tue, 30 Jun 2026 12:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:37 AM IST
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ऊना। ट्रिपल आईटी ऊना में सोमवार को एएनआरएफ प्रायोजित पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। एआई-सक्षम सुरक्षित, बुद्धिमान एवं विश्वसनीय 6जी नेटवर्क के लिए अभिसारी संचार प्रणालियां विषय पर आयोजित यह कार्यशाला तीन जुलाई तक चलेगी। देशभर से आए विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षाविद् अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सुरक्षित 6जी संचार प्रणालियों के एकीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को उन्नत तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा एआई-सक्षम संचार प्रणालियां, सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेटवर्क, वायरलेस एवं ऑप्टिकल अभिसारी संचार प्रणालियां, कॉग्निटिव रेडियो, इंटेलिजेंट सेंसिंग तथा 6जी तकनीक के नवीनतम आयामों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के प्रयोग का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा तथा वे भविष्य के संचार नेटवर्क के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को भी समझ सकेंगे।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. भोला राम गुर्जर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6जी तकनीक भविष्य की डिजिटल दुनिया की आधारशिला बनने जा रही हैं।
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ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों और शोधार्थियों को तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञ व्याख्यानों, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और संवादात्मक सत्रों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
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कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सुरक्षित 6जी संचार प्रणालियों के एकीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को उन्नत तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा एआई-सक्षम संचार प्रणालियां, सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेटवर्क, वायरलेस एवं ऑप्टिकल अभिसारी संचार प्रणालियां, कॉग्निटिव रेडियो, इंटेलिजेंट सेंसिंग तथा 6जी तकनीक के नवीनतम आयामों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के प्रयोग का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा तथा वे भविष्य के संचार नेटवर्क के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को भी समझ सकेंगे।
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कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. भोला राम गुर्जर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6जी तकनीक भविष्य की डिजिटल दुनिया की आधारशिला बनने जा रही हैं।
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ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों और शोधार्थियों को तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञ व्याख्यानों, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और संवादात्मक सत्रों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।