{"_id":"23-38260","slug":"Una-38260-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारी भी नहीं जानते नापसंद का मतलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारी भी नहीं जानते नापसंद का मतलब
Una
Updated Mon, 05 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतोषगढ़/ऊना। चुनावों में जहां लोगों को मताधिकार करने का अधिकार दिया गया है, वहीं किसी भी प्रत्याशी के पसंद न होने की सूरत में फार्म भरकर अपनी इच्छा जताने का अधिकार भी दिया गया है। लेकिन, रविवार को मतदान के दौरान कई पोलिंग बूथों पर देखा गया कि खुद चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए गए अधिकारी और कर्मचारी भी इस तथ्य से अनभिज्ञ थे। एक दो स्थानों पर तो वोटरों की ओर से प्रत्याशियों को नकारने का फार्म मांगे जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। नगर पंचायत संतोषगढ़ के एक पोलिंग बूथ पर युवा मतदाता मनीष कुमार की ओर से फार्म-49 मांगे जाने पर अधिकारियों ने इससे पूर्ण रुप से अनभिज्ञता जता दी। युवक का कहना है कि प्रशासन और चुनाव आयोग को चुनाव ड्यूटियों पर भेजे जाने से पूर्व कर्मचारियों को पूरा प्रशिक्षण देना चाहिए, जिससे मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन