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मैहतपुर में हाउस टैक्स पर नहीं बनी सहमति
Updated Tue, 20 Feb 2018 10:33 PM IST
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meeting shimla
मैहतपुर (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर के सेवा सदन में आईएडीए (इंडस्ट्रीयल एरिया डेवलपमेंट एजेंसी) की बैठक हुई। इसमें स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र की विकास योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में उद्योग महाप्रबंधक एवं आईएडीए के अध्यक्ष अंशुल धीमान विशेष रूप से मौजूद रहे।
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नगर परिषद को देय हाउस टैक्स को अधिकतर उद्यमी नहीं देना चाहते हैं। उद्यमियों का तर्क है कि वह पहले ही आईएडीए को टैक्स अदा कर रहे हैं, लिहाजा दोहरा टैक्स नहीं देेंगे। हालांकि हाउस टैक्स राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद लागू हुआ है। दरअसल हाउस टैक्स की वसूली नगर पंचायतों एवं नगर परिषदों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को लेकर शुरू की गई थी।
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वार्ड एक के तहत आते औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी नगर परिषद को हाउस टैक्स देने के हक में नहीं रहे। साल दर साल हाउस टैक्स की राशि का आंकड़ा बढ़ता गया। आज तकरीबन दो करोड़ हाउस टैक्स लंबित पड़ा है। नगर परिषद सूत्र बताते हैं कि वार्ड एक ही ऐसा एकमात्र वार्ड है, जहां सबसे ज्यादा हाउस टैक्स बनता है। इसी वार्ड से हाउस टैक्स की वसूली नाममात्र है। बैठक में सीवरेज सुधार को लेकर तथा औद्योगिक क्षेत्र के अन्य विकास कार्यों पर चर्चा हुई। उद्योग महाप्रबंधक अंशुल धीमान ने कहा कि हाउस टैक्स की समस्या राज्य सरकार के स्तर पर ही हल हो सकती है। जिस वक्त अधिसूचना जारी हुई थी, उस वक्त औद्योगिक क्षेत्रों से हाउस लिया जाए, अथवा नहीं ऐसा कुछ स्पष्ट नहीं किया गया। इस कारण दिक्कत बनी हुई है।
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हर साल दिए जाते हैं नोटिस : वर्षा चौधरी
नगर परिषद की ईओ वर्षा चौधरी ने कहा कि हर साल वार्ड के उद्यमियों को हाउस टैक्स जमा करवाने को लेकर नोटिस भेजे जाते हैं, लेकिन उद्यमी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। कहा कि यह राज्य सरकार की अधिसूचना से लागू है, लिहाजा इसे अदा करना ही पड़ेगा। उधर मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व प्रधान पंडित पीसी शर्मा ने कहा कि नप का हाउस टैक्स तो चुकता करना ही चाहिए, क्योंकि चुकता नहीं करेंगे तो डिफाल्टर ही रहेंगे। कहा कि मिल बैठकर जल्द मसले का हल करना चाहिए।