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Una News: 6 डोगरा रेजिमेंट ने मां चिंतपूर्णी को भेंट किए दो भव्य पीतल के शेर
Wed, 25 Mar 2026 12:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:15 AM IST
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मां चिंतपूर्णी के दरबार को भेंट किए दो भव्य पीतल के शेर।संवाद
भरवाईं (ऊना)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का एक और अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। चैत्र नवरात्र के छठे दिन भारतीय सेना की 6 डोगरा रेजिमेंट ने मां चिंतपूर्णी मंदिर में दो भव्य पीतल के शेर भेंट किए। मंगलवार को रेजिमेंट के प्रतिनिधियों ने इन शेरों को मंदिर प्रशासन को विधिवत रूप से सौंपा जिन्हें जल्द ही मंदिर परिसर के मुख्य द्वार पर स्थापित किया जाएगा। इस विशेष सेवा कार्य का नेतृत्व रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रविंद्र सिंह रावत के मार्गदर्शन में किया गया। उनकी देखरेख में इन आकर्षक शेरों की प्रतिमाओं को विशेष रूप से तैयार करवाया गया और मां के दरबार तक पहुंचाया गया।
इस दौरान रेजिमेंट की ओर से आए पूर्व सूबेदार राकेश कुमार ने बताया कि 6 डोगरा रेजिमेंट के सभी जवानों की मां चिंतपूर्णी के प्रति गहरी आस्था है और उसी श्रद्धा के भाव से यह भेंट मंदिर को अर्पित की गई है। उन्होंने बताया कि इन दोनों शेरों की प्रतिमाएं पीतल की उच्च गुणवत्ता वाली धातु से बनाई गई हैं और प्रत्येक प्रतिमा का वजन लगभग 220 से 230 किलोग्राम के बीच है। इनकी सुंदर बनावट और भव्यता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की शोभा को और बढ़ाएगी। श्रद्धालु जब मंदिर के मुख्य गेट से मां के दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे तो इन भव्य शेरों की प्रतिमाएं उनका स्वागत करती नजर आएंगी। पूर्व सूबेदार राकेश कुमार ने यह भी बताया कि इससे पहले भी डोगरा रेजिमेंट द्वारा धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार की भेंट दी जाती रही है। इससे पूर्व जम्मू स्थित ज्वाला माता मंदिर में भी रेजिमेंट की ओर से दो शेर भेंट किए जा चुके हैं। इसके अलावा बाबा बालक नाथ जी के मंदिर के लिए मोर और बाबा जी की प्रतिमा भी तैयार की गई है, जिन्हें जल्द ही वहां अर्पित किया जाएगा। इन शेरों को मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के माध्यम से मंदिर न्यास चिंतपूर्णी को सौंपा गया। मंदिर प्रशासन ने भारतीय सेना की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह भेंट न केवल मंदिर के सौंदर्यीकरण को बढ़ाएगी बल्कि भारतीय सेना के जवानों की गहरी धार्मिक आस्था और संस्कृति से जुड़े उनके भावनात्मक संबंध को भी दर्शाती है। वर्तमान समय में 6 डोगरा रेजिमेंट की तैनाती श्रीनगर के पट्टन हैदरबेग क्षेत्र में है। वहीं से रेजिमेंट के जवानों ने अपनी आराध्य मां चिंतपूर्णी के चरणों में यह विशेष भेंट समर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की है।
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इस दौरान रेजिमेंट की ओर से आए पूर्व सूबेदार राकेश कुमार ने बताया कि 6 डोगरा रेजिमेंट के सभी जवानों की मां चिंतपूर्णी के प्रति गहरी आस्था है और उसी श्रद्धा के भाव से यह भेंट मंदिर को अर्पित की गई है। उन्होंने बताया कि इन दोनों शेरों की प्रतिमाएं पीतल की उच्च गुणवत्ता वाली धातु से बनाई गई हैं और प्रत्येक प्रतिमा का वजन लगभग 220 से 230 किलोग्राम के बीच है। इनकी सुंदर बनावट और भव्यता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की शोभा को और बढ़ाएगी। श्रद्धालु जब मंदिर के मुख्य गेट से मां के दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे तो इन भव्य शेरों की प्रतिमाएं उनका स्वागत करती नजर आएंगी। पूर्व सूबेदार राकेश कुमार ने यह भी बताया कि इससे पहले भी डोगरा रेजिमेंट द्वारा धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार की भेंट दी जाती रही है। इससे पूर्व जम्मू स्थित ज्वाला माता मंदिर में भी रेजिमेंट की ओर से दो शेर भेंट किए जा चुके हैं। इसके अलावा बाबा बालक नाथ जी के मंदिर के लिए मोर और बाबा जी की प्रतिमा भी तैयार की गई है, जिन्हें जल्द ही वहां अर्पित किया जाएगा। इन शेरों को मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के माध्यम से मंदिर न्यास चिंतपूर्णी को सौंपा गया। मंदिर प्रशासन ने भारतीय सेना की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह भेंट न केवल मंदिर के सौंदर्यीकरण को बढ़ाएगी बल्कि भारतीय सेना के जवानों की गहरी धार्मिक आस्था और संस्कृति से जुड़े उनके भावनात्मक संबंध को भी दर्शाती है। वर्तमान समय में 6 डोगरा रेजिमेंट की तैनाती श्रीनगर के पट्टन हैदरबेग क्षेत्र में है। वहीं से रेजिमेंट के जवानों ने अपनी आराध्य मां चिंतपूर्णी के चरणों में यह विशेष भेंट समर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की है।
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