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ऊना में 15 बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:08 PM IST
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ऊना।
जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे 15 बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कार्यालय के माध्यम से जिले में विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से चिन्हित इन 15 अति गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में मेडिकल चेकअप करवाया गया। पोषण पुनर्वास केंद्र के प्रभारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने इन सभी बच्चों का मेडिकल चेकअप किया तथा बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक परामर्श दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना सतनाम सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के हेल्थ चार्ट के मुताबिक जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में अति गंभीर रूप से कुपोषित 15 बच्चों का यह मेडिकल चेकअप किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में इस तरह का यह पहला प्रयास हुआ है ताकि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के कुपोषण संबंधित विभिन्न कारणों को पहचाना जा सके। सतनाम सिंह ने बताया कि जिले के 1364 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पूर्ण पोषाहार उपलब्ध करवाया जाता है। इस दौरान जो बच्चे कुपोषित पाए जाते हैं, उनका समय-समय पर हेल्थ चेकअप भी करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से चिन्हित कुपोषित बच्चों का खंड स्तर पर हेल्थ चेकअप करवाया जाएगा।
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जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे 15 बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कार्यालय के माध्यम से जिले में विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से चिन्हित इन 15 अति गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में मेडिकल चेकअप करवाया गया। पोषण पुनर्वास केंद्र के प्रभारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने इन सभी बच्चों का मेडिकल चेकअप किया तथा बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक परामर्श दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना सतनाम सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के हेल्थ चार्ट के मुताबिक जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में अति गंभीर रूप से कुपोषित 15 बच्चों का यह मेडिकल चेकअप किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में इस तरह का यह पहला प्रयास हुआ है ताकि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के कुपोषण संबंधित विभिन्न कारणों को पहचाना जा सके। सतनाम सिंह ने बताया कि जिले के 1364 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पूर्ण पोषाहार उपलब्ध करवाया जाता है। इस दौरान जो बच्चे कुपोषित पाए जाते हैं, उनका समय-समय पर हेल्थ चेकअप भी करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से चिन्हित कुपोषित बच्चों का खंड स्तर पर हेल्थ चेकअप करवाया जाएगा।